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UP के इस टाइगर रिजर्व में देखें कच्चे रास्तों पर बाघों का रोमांच, पेड़ों पर दिखेंगे 300 प्रजातियों के पक्षी

Chikheang 2025-10-28 18:58:13 views 1228
  



पीयूष दुबे, पीलीभीत : कच्चे रास्तों पर निकलेंगे तो चिड़ियों की चहचहाहट कानों में रस घोल देगी। कहीं दौड़ते हिरन तो कहीं विचरण करते भालू दिखेंगे और रोमांचित करने वाले बाघ भी। आपके और आसमान के बीच हरियाली की छतरी मिलेगी, जिसे सूर्य का प्रताप भी बमुश्किल भेद पाता है। ठंडी छांव में इसी तरह आगे बढ़ते जाएंगे तो चूका पिकनिक स्पाट पर बीच जैसा नजारा दिखेगा, जिसे शारदा सागर डैम के एक हिस्से से तैयार कराया गया है। इसे निहारिये, हट्स में रात्रि प्रवास भी करिये...पीलीभीत टाइगर रिजर्व आकर प्रकृति को करीब से महसूस करिये। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

पर्यटकों के लिए टाइगर रिजर्व के द्वार एक नवंबर से खुल जाएंगे। 80 से ज्यादा बाघ, पक्षियों की 300 व सांपों की 18 प्रजातियों के बसेरे वाले इस जंगल की यात्रा मुस्तफाबाद गेस्ट हाउस परिसर से शुरू होती है। यहां से 3600 रुपये में छह सीटर सफारी वाहन बुक कराएंगे, जिसमें गाइड भी साथ होगा। चालक मंद गति से वाहन को जंगल के कच्चे रास्तों पर ले जाना शुरू करेगा, साथ में गाइड आपको बताता जाएगा कि जिस रास्ते से गुजर रहे वहां कौन से वन्यजीव अधिक विचरण करते हैं। 20 मिनट बाद वाहन नहर पटरी पर पहुंचते ही गाइड सतर्क करेगा...“चारों तरफ निगाह दीजिए, बाघ इसी पटरी पर सबसे ज्यादा विवरण करते हैं।“  

इसी रोमांच को समेटते हुए सवा घंटा बाद वाहन चूका पिकनिक स्पाट पहुंच जाएगा। वहां एक वाटर हट दिखेगी, दूसरी ट्री हट। इनके अलावा तीन अन्य हट्स भी हैं। सामने शारदा सागर डैम दिखेगा, जिसका जल हमारी निगाह से भी दूर तक होगा। यहां नौका विहार कर सकते हैं, जलपान के लिए कैंटीन भी हैं। रात्रि प्रवास करना चाहते हैं तो हट्स की बुकिंग करनी होती है, जिनका 24 घंटे का किराया 5000 रुपये है। चूका से निकलकर वाहन दोबारा जंगल के नये रास्तों से गुजरता हुआ सप्तसरोवर पहुंचेग
होम स्टे में पाएं सुकून

जंगल की बराही और महोफ रेंज में पर्यटन होता है। जंगल की सीमा पर बसे गांवों में होम स्टे बनाए गए हैं। 2000-2500 रुपये प्रति 24 घंटा किराया देकर वहां रात्रि प्रवास कर सकते हैं।
नहरों का जंक्शन देखें

टाइगर रिजर्व क्षेत्र में शारदा मुख्य कैनाल के साथ हरदोई , खीरी ब्रांच नहर भी प्रवाहित होती हैं। एक ही स्थान पर तीनों नहरें जंक्शन के रूप में एक दूसरे को क्रास करती हैं मगर, आपस में छूती नहीं हैं। तीनों नहरें एक-दूसरे से ना टकराएं, इसके लिए त्रिस्तरीय प्लेटफार्म बना हुआ है। इसी स्थान पर नहरों को बाइफर किया जाता है, इसलिए इसे बाइफरकेशन कहते हैं।
ऐसे पहुंचे

सड़क या रेल मार्ग से पीलीभीत पहुंचना होगा। यहां से निजी कार या टैक्सी में बैठकर 38 किमी दूर तय कर मुस्फाबाद गेस्ट हाउस परिसर पहुंचना होगा। वहां कार खड़ी करनी होगी, सफारी वाहन से पर्यटन आरंभ करना होगा।
यहां भी घूमें

जंगल घूमने के बाद 15 किमी का सफर तय माधोटांडा में गोमती उद्गम स्थल देखने जा सकते हैं। वहां गोमती मां का मंदिर है। संध्या आरती मनमोहक होती है। इसके अलावा, नेपाल सीमा और वहां बसे विस्थापित बंगालियों के गांवों में भी जा सकते हैं। वे अपनी परंपराओं एवं संस्कृति को जीवित रखे हुए हैं।
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