LHC0088 • 2025-12-15 16:07:31 • views 1022
प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (जागरण)
जागरण संवाददाता, भागलपुर। शहर की बिगड़ती यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए प्रशासन ने तकनीक आधारित ठोस पहल शुरू की है। अब गूगल मैप की मदद से ट्रैफिक कंट्रोल किया जाएगा।
इसे लेकर यातायात विभाग की बैठक में जिला पदाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है। अब जिला परिवहन पदाधिकारी और जिला तकनीकी पदाधिकारी के सहयोग से शहर के प्रमुख ट्रैफिक क्षेत्रों को रेड जोन और येलो जोन में बांटा जाएगा। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
इसके तहत गूगल मैप के माध्यम से जाम की स्थिति, वाहनों के दबाव और आवाजाही का आकलन किया जाएगा। इसके आधार पर रेड जोन (अधिक जाम वाले क्षेत्र) और येलो जोन (मध्यम दबाव वाले क्षेत्र) चिह्नित किए जाएंगे।
चिह्नित जोन की जानकारी इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर (आई-ट्रिपल-सी) के डिस्प्ले बोर्ड पर भी दी जाएगी, ताकि वहां तैनात कर्मी इसकी मानिटरिंग कर सकें। वहीं आई-ट्रिपल-सी के माध्यम से रियल टाइम डाटा के आधार पर ट्रैफिक विभाग को तुरंत सूचना दी जाएगी।
जैसे ही किसी रेड या येलो जोन में जाम की स्थिति बनेगी, टीम को मौके पर भेजकर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही पब्लिक एड्रेस सिस्टम का भी उपयोग किया जाएगा। किसी मुख्य मार्ग पर जाम होने की स्थिति में लोगों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सूचना दी जाएगी। इससे दबाव कम हो जाएगा।
प्रशासन का मानना है कि तकनीक के समुचित उपयोग से ट्रैफिक जाम की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
विक्रमशिला पुल पर ओवरटेकिंग करने पर कटेगा चालान
यातायात विभाग ने विक्रमशिला पुल पर जाम से निपटने के लिए दीवारों पर ओवरटेकिंग पर 10 हजार रुपये जुर्माना और वीडियो मॉनिटरिंग से जुड़े स्लोगन लिखवा दिए हैं, लेकिन फिलहाल चालान कटना शुरू नहीं हुआ है।
यातायात पुलिस ने बताया कि पुल पर वाहन रोककर चालान करने से जाम की समस्या बढ़ जाएगी। हालांकि, एक सप्ताह के भीतर विशेष निगरानी कैमरों से ओवरस्पीड और ओवरटेकिंग पर नजर रखी जाने लगेगी। पकड़े गए वाहनों को पुल से बाहर रोककर चालान काटा जाएगा। अभी पुल पर तीन पालियों में निगरानी की जा रही है। |
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