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चंडीगढ़ के रोज गार्डन में वेब चैनल की कर्मचारी ने खुद काटा था गला, पुलिस जांच में खुलासा, हत्या नहीं-आत्महत्या की

deltin33 2025-12-15 22:07:18 views 1178
  

दीक्षा ठाकुर, जिसने खुद का गला काटकर आत्महत्या की थी।



जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। सेक्टर-16 स्थित रोज गार्डन के लेडीज बाथरूम में 29 नवंबर को एक वेब चैनल में काम करने वाली 30 साल की दीक्षा ठाकुर का खून से सना शव मिला था। दीक्षा ने खुद ही चाकू से अपना गला रेता था। एसएसपी कंवरदीप कौर ने पुष्टि की कि यह हत्या नहीं, आत्महत्या थी।  विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

गला रेता होने की वजह से लग रहा था कि दीक्षा की हत्या हुई है। पुलिस की शुरुआत में जांच भी इसी एंगल से हुई थी। अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस भी दर्ज किया था, लेकिन जांच के बाद स्पष्ट हो गया है कि दीक्षा ने आत्महत्या की थी।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार ज्यादा खून बहने से दीक्षा की मौत हुई। सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों को आधार पर यह साबित होता है कि दीक्षा ने आत्महत्या की। पुलिस ने उसके मोबाइल का रिकाॅर्ड खंगाला था, जिसमें कुछ भी संदेहजनक नहीं था।

दीक्षा की शादी आईटी इंजीनियर रित्विक से हुई थी। दोनों का करीब पौने पांच साल का बेटा भी है। रित्विक से झगड़े के चलते दीक्षा 6 महीने से मोहाली के फेज-11 में पीजी रह रही थी। वह मानसिक रूप से बीमार भी थी। घटना वाले दिन बाथरूम में एक छोटा चाकू, दीक्षा का फॉर्म और कुछ दवा मिली थीं।
पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट तैयार

ऑफिस से तबीयत खराब बताकर निकलीः 29 नवंबर को दीक्षा को अपनी ससुराल सहारनपुर जाना था। उसके ससुर ने रित्विक और दीक्षा में चल रहे विवाद को लेकर दोनों की बातचीत करवानी थी। मकसद यही था कि दोनों साथ रहें। उसी दिन दीक्षा अपने ऑफिस से यह कहकर निकली कि उसकी तबीयत खराब है। इसके बाद रोज गार्डन के बाथरूम में गई और चाकू से गला काट लिया।

खून से सना चाकू मिला: घटनास्थल पर खून से सना चाकू मिला था। इसी चाकू से दीक्षा ने गले पर वार किया। खाली टिफिन बॉक्स और पर्स में डिप्रेशन की दवा भी मिली थी। जांच में पता चला कि दीक्षा का कुछ महीनों से पंचकूला के अस्पताल में इलाज चल रहा था।

रोज गार्डन में अकेली आई थी: सीसीटीवी फुटेज में दीक्षा अकेली ही ऑटो से रोज गार्डन में अंदर जाते दिखी। इंडस्ट्रियल एरिया स्थित ऑफिस से भी अकेली निकली थी। रोज गार्डन के बाथरूम से कुछ ही दूरी पर मटका चौक पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी खड़े थे। बाथरूम के पास बेंच पर केयर टेकर बैठा था। किसी ने भी बाथरूम की तरफ से किसी को भागते हुए नहीं देखा।

दीवाली के समय का लिखा नोटः पर्स से एक नोट भी मिला, जो कि दीवाली के समय लिखा गया था। नोट में मां लक्ष्मी के बारे में लिखा हुआ था। दीक्षा के ससुर ने बताया था कि पति से अलग होने के बाद दीक्षा ज्योतिष विद्या की स्टडी कर रही थी।

डिप्रेशन हो सकता कारणः सब के मन में सवाल था कि दीक्षा ने आत्महत्या करनी थी तो अपने घर या कहीं ओर कर सकती थी। इस पर मनोचिकित्सक का कहना है कि डिप्रेशन के मरीज के मन में ऐसे विचार बार-बार आते हैं। उन्हें अकेला छोड़ना ठीक नहीं रहता। ऐसे लोग आत्महत्या के लिए सुकून वाली जगह का चयन करते हैं, जहां उनसे कोई बात न करे। इसलिए दीक्षा रोज गार्डन में गई।

मजिस्ट्रेट तय करेंगे आगे जांच होगी या नहीं: घटना को लेकर जो पुलिस ने जांच की, सबूत जुटाए, फुटेज जुटाई, घरवालों के बयान दर्ज किए उन सब को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाता है। मजिस्ट्रेट पूरी फाइल पढ़कर ही निर्णय लेते हैं कि इसमें जांच की जरूरत है या ट्रायल चलना चाहिए। यह फिर मामले को खत्म करना है। मजिस्ट्रेट तय करेंगे कि जांच आगे चलानी है या नहीं।
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