सिद्धार्थ विहार में सड़क किनारे लगा कूड़े का ढेर। सौ. सुधी पाठक
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। साल बीत जाने के बाद भी सिद्धार्थ विहार की तस्वीर नहीं बदली है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में प्रस्तावित 42 एकड़ का थीम पार्क केवल फाइलों और कागजों तक ही सीमित रह गया है। धरातल पर आज तक पार्क के नाम पर कोई काम शुरू नहीं हो सका। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
दूसरी ओर सिद्धार्थ विहार की सड़कें बदहाल होती जा रही हैं। कई स्थानों पर डिवाइडर टूटे पड़े हैं, जिससे हादसों का खतरा बना हुआ है। इसके अलावा सड़क के किनारे कूड़ा डालने से गंदगी के अंबार लग रहे हैं।
प्रतीक ग्रैंड सिटी सोसायटी निवासी नंद नेगी ने बताया कि सालों से अधिकारियों द्वारा थीम पार्क के निर्माण के दावे किए जाते रहे, लेकिन जमीनी हकीकत शून्य है। लोगों को आशंका है कि कहीं आने वाले दिनों में यह बहुमूल्य जमीन किसी बिल्डर के हाथों न बेच दी जाए।
इसके अलावा रात के समय स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, क्योंकि अधिकांश जगहों पर स्ट्रीट लाइटें या तो खराब हैं या जलती ही नहीं। अंधेरे में राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद आवास विकास परिषद आंखें मूंदे हुए हैं। निवासियों ने मांग की है कि प्रशासन थीम पार्क परियोजना की स्थिति स्पष्ट करे और सड़कों, डिवाइडर व स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाओं को तत्काल दुरुस्त कराया जाए, ताकि सिद्धार्थ विहार को वास्तव में एक विकसित आवासीय क्षेत्र बनाया जा सके।
इस संबंध में अधिशासी अभियंता निर्माण खंड-दो विकास गौतम ने बताया कि यह योजना बहुत पुरानी और बड़ी है। इस योजना में निर्णय मुख्यालय स्तर से लिए जाते है। मुख्यालय से जो भी दिशा-निर्देश दिए जाएंगे,
उसके बाद ही योजना में कार्य कराए जाएंगे। |