शिमला में पत्रकारों से बातचीत करते रेसलर ग्रेट खली। जागरण
जागरण टीम, शिमला/नाहन। अंतरराष्ट्रीय रेसलर दलीप सिंह राणा उर्फ द ग्रेट खली ने पांवटा साहिब के तहसीलदार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। मंगलवार को शिमला में पत्रकार वार्ता में खली ने पांवटा साहिब के राजस्व विभाग, विशेषकर तहसीलदार पर गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने कहा कि पांवटा साहिब में राजस्व से जुड़े मामलों में खुलेआम मनमानी हो रही है और सैकड़ों लोगों की भूमि से जुड़े रिकॉर्ड में कागज़ों पर हेरफेर किया जा रहा है।
अन्य टीम से डिमार्केशन का आग्रह
इस बीच जांच अधिकारी एसडीएम पांवटा साहिब ने गुंजीत सिंह चीमा ने डीसी को पत्र लिखकर जिला की किसी अन्य राजस्व टीम से जमीन की डिमार्केशन करवाने का आग्रह कर दिया है।
अधिकारियों पर लगाए आरोप
खली ने आरोप लगाया कि देव और वीर भूमि पांवटा साहिब में ऐसे अधिकारी तैनात हैं, जिन्हें लगता है कि उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि “ऐसा प्रतीत होता है जैसे पूरा पांवटा साहिब कागज़ों में बेच दिया गया हो।” खली ने स्पष्ट किया कि अधिकारी भले ही पद पर हों, लेकिन वे संविधान से ऊपर नहीं हैं और जवाबदेही से बच नहीं सकते।
मुख्यमंत्री से शिकायत और जांच की मांग
खली ने कहा कि भूमि विवाद में वह अकेले नहीं हैं, बल्कि पांवटा साहिब में कई लोग राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली से परेशान हैं। उन्होंने बताया कि सुरजपुर क्षेत्र में खरीदी गई जमीन उनकी खून-पसीने की कमाई है, इसके बावजूद उनके मामले में नियमों को ताक पर रखकर ततीमे काटे गए और रजिस्ट्री की गईं। खली ने आरोप लगाया कि एक रजिस्ट्री ऐसी भी हुई, जिसका भुगतान तक नहीं किया गया।
मिटा दिए रिकॉर्ड
उन्होंने यह भी कहा कि जब जमीन खरीद से जुड़े दस्तावेज़ों के सुबूत लेने के लिए तहसील कार्यालय जाते हैं, तो वहां से रिकॉर्ड मिटा दिए जाते हैं।
सीएम के समक्ष रखेंगे मामला
एसडीएम कार्यालय में भी उनकी सुनवाई नहीं हो रही। खली ने एलान किया कि वह इस पूरे मामले को मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के समक्ष रखेंगे और निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे, ताकि पांवटा साहिब में कथित भूमि घोटाले की सच्चाई सामने आ सके। |
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