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Ranchi 2026: बदल जाएगी राजधानी की सूरत, नई ट्रेनें, मेट्रो परियोजना और IIT समेत झारखंड को मिलने जा रही ये बड़ी सौगातें

Chikheang 2026-1-1 20:57:23 views 679
  

उम्मीदें 2026: विकास की नई इबारत लिखती झारखंड की राजधानी।



जागरण संवाददाता, रांची। नव वर्ष 2026 रांची और पूरे झारखंड के लिए केवल एक कैलेंडर बदलाव नहीं, बल्कि बुनियादी ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव का वर्ष साबित होने जा रहा है। रेल, मेट्रो, शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क जैसे प्रमुख क्षेत्रों में प्रस्तावित योजनाएं अब जमीन पर उतरती दिख रही हैं। राजधानी की यह नई तस्वीर न केवल स्थानीय निवासियों का जीवन आसान बनाएगी, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान करेगी। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
रेल कनेक्टिविटी: तीन बड़े राज्यों से सीधा जुड़ाव

वर्ष 2026 में रांची के रेल यात्रियों को तीन नई ट्रेनों की सौगात मिलने की प्रबल संभावना है। लंबे समय से मांग की जा रही रांची–लखनऊ, रांची–जयपुर और रांची–अहमदाबाद रेल सेवाओं के प्रस्ताव को केंद्र से सकारात्मक संकेत मिले हैं।

विशेष बात यह है कि लखनऊ और जयपुर के लिए प्रस्तावित ट्रेनें पलामू और अयोध्या के रास्ते चल सकती हैं, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बड़ी सुविधा होगी। इन ट्रेनों के शुरू होने से व्यापारिक गतिविधियों में इजाफा होगा और राजस्थान, गुजरात व उत्तर प्रदेश के साथ झारखंड का सामाजिक-आर्थिक जुड़ाव और मजबूत होगा।
मेट्रो रेल: आधुनिक परिवहन का नया अध्याय

रांची की सड़कों पर दौड़ती मेट्रो अब महज एक कल्पना नहीं रह गई है। केंद्र सरकार द्वारा मेट्रो प्रोजेक्ट को दी गई सैद्धांतिक सहमति ने इसे धरातल पर उतारने की राह साफ कर दी है। प्रस्तावित रूट को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह शहर के सबसे व्यस्त इलाकों जैसे मेन रोड, डोरंडा और हटिया को जोड़ते हुए स्मार्ट सिटी और रिंग रोड तक पहुंचेगा।

मेट्रो के आने से न केवल ट्रैफिक जाम की पुरानी समस्या खत्म होगी, बल्कि प्रदूषण के स्तर में भी भारी कमी आएगी। वर्तमान में इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है, जो शहर के शहरी नियोजन को पूरी तरह बदल देगी।
शिक्षा में नया सवेरा: आईआईटी और नेतरहाट का विस्तार

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में रांची एक बड़े केंद्र के रूप में उभर रहा है। राजधानी में आईआईटी की स्थापना के लिए राज्य सरकार ने केंद्र से वार्ता तेज कर दी है। इसके शुरू होने से झारखंड के मेधावी छात्रों को तकनीकी शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

वहीं ऐतिहासिक नेतरहाट आवासीय विद्यालय में छात्राओं के नामांकन का फैसला महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद अब राज्य की बेटियां भी उसी विश्वस्तरीय शैक्षणिक परिवेश में पढ़ सकेंगी, जिसने देश को अनगिनत आईएएस और आईपीएस अधिकारी दिए हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण: अब घर में ही होगा सुपर स्पेशिएलिटी इलाज

स्वास्थ्य के क्षेत्र में झारखंड 2026 में आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रहा है। रांची के कांके में 110 एकड़ भूमि पर \“रिम्स टू\“ का निर्माण स्वास्थ्य जगत की सबसे बड़ी उपलब्धि होगी। इस 700 बेड वाले अस्पताल में न्यूरोलॉजी और नेफ्रोलॉजी जैसे विशेष विभाग होंगे, जहां जटिल सर्जरी संभव होगी।

इसके साथ ही, सदर अस्पताल में शुरू होने वाली पहली बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट ब्लड कैंसर और थैलेसीमिया के मरीजों के लिए वरदान साबित होगी। आयुष्मान कार्ड के जरिए यह महंगा इलाज गरीबों को मुफ्त मिलेगा। ब्राम्बे में बनने वाली पहली मेडिकल यूनिवर्सिटी राज्य के चिकित्सा संस्थानों की निगरानी और शोध कार्यों को एक नया मंच प्रदान करेगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रैफिक: जाम से मुक्ति का मास्टर प्लान

रांची की सबसे बड़ी समस्या ट्रैफिक जाम का समाधान अब फ्लाईओवर और आउटर रिंग रोड के रूप में सामने आ रहा है। आउटर रिंग रोड परियोजना, जिसके लिए करीब 6000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, भारी वाहनों को शहर के बाहर ही डायवर्ट कर देगी।

वहीं शहर के भीतर अरगोड़ा चौक, करमटोली और हरमू जैसे प्रमुख चौराहों पर फ्लाईओवरों का जाल बिछ रहा है। रातू रोड फ्लाईओवर के सफल संचालन के बाद अब अन्य छोटे-बड़े कनेक्टिंग फ्लाईओवरों और जुमार नदी के पास नए पुलों के निर्माण से शहर की रफ्तार कई गुना बढ़ जाएगी।
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