संवाद सहयोगी, राई। बहालगढ़ इलाके में सितंबर में हुई हत्या के मामले में वांछित दो सगे भाइयों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। इस दौरान मुख्य आरोपित समीर मलिक पैर में पुलिस की गोली लगने से घायल हो गया, जबकि उसके भाई साजिद को काबू कर लिया गया। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
घायल आरोपित को उपचार के लिए सरकारी अस्पताल सोनीपत लाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद खानपुर मेडिकल कालेज रेफर कर दिया। आरोपित लूट की किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। उनके कब्जे से एक देसी पिस्तोल और कारतूस बरामद किए हैं।
क्राइम यूनिट कुंडली की टीम के इंचार्ज एसआइ जितेंद्र अपनी टीम के साथ एनएच-44 पर सेक्टर-7 मोड़ के पास गश्त कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि बहालगढ़ के आशु हत्याकांड में शामिल सोनीपत की इदगाह कॉलोनी निवासी समीर मलिक उर्फ कांछा व उसका भाई साजिद उर्फ मोगली मुरथल फ्लाईओवर के सर्विस रोड किनारे झाड़ियों में बाइक के साथ छिपे हुए हैं। दोनों के पास अवैध हथियार होने तथा लूट की वारदात की फिराक में होने की भी जानकारी मिली।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो पुलिस को देखते ही दोनों आरोपित मोटरसाइकिल छोड़कर झाड़ियों की ओर भागने लगे। पुलिस द्वारा रुकने की चेतावनी देने पर एक आरोपित ने पुलिस पर फायर कर दिया। पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए।
स्थिति को गंभीर देखते हुए पीएसआइ जितेंद्र ने तुरंत कंट्रोल रूम सोनीपत को सूचना देकर अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर बुलवाया। जब आरोपितों ने दोबारा फायरिंग का प्रयास किया तो पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान समीर मलिक के पैर में गोली लगी, जिससे वह घायल हो गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को काबू कर लिया।
पूछताछ में घायल आरोपित ने अपना नाम समीर मलिक उर्फ राहुल उर्फ कांछा तथा दूसरे आरोपित ने अपना नाम साजिद उर्फ मोगली बताया। दोनों ने प्रारंभिक पूछताछ में बहालगढ़ निवासी आशु की हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस ने मौके से एक देसी पिस्तोल व खाली कारतूस सहित अन्य साक्ष्य बरामद किए हैं।
घायल समीर मलिक को प्राथमिक उपचार के लिए सरकारी अस्पताल सोनीपत में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। साजिद को आज अदालत में पेश किया जाएगा। दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
पैसे का लेन-देन और लव अफेयर बना आशु की हत्या की वजह
गौरतलब है कि बहालगढ़ निवासी आशु का शव 12 सितंबर 2025 को सरोवर पोर्टिको के पास एक खाली स्थान से अधजली अवस्था में बरामद हुआ था। शव पर केवल अंडरवियर था। पुलिस जांच में सामने आया कि बीमा राशि को लेकर आशु और आरोपितों के बीच विवाद चल रहा था।
इसके साथ ही एक लव अफेयर को लेकर भी तनातनी थी। आरोपितों ने स्वीकार किया है कि 11 सितंबर को उन्होंने आशु का गला घोंटकर हत्या कर दी और पहचान मिटाने के लिए शव को आग लगा दी। |