बिहार के अस्पतालों में पहुंच रहे मरीज। सांकेतिक फोटो
जागरण संवाददाता, पटना। बिहार की राजधानी पटना में ठंड का असर अब गंभीर रूप लेने लगा है। दिन के समय भले ही धूप राहत दे रही हो, लेकिन शाम तीन बजे से सुबह तक चल रही सर्द हवाएं लोगों को कंपकंपाने पर मजबूर कर रही हैं। ठंड से बचाव में लापरवाही और अपर्याप्त गर्म कपड़े पहनने के कारण ब्रेन स्ट्रोक, हार्ट अटैक और सांस फूलने के मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है।
इसके साथ ही सर्दी-खांसी और बुखार के मरीज भी बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच रहे हैं। स्थिति यह है कि राजधानी के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में बेड की उपलब्धता संकट में पड़ गई है। पीएमसीएच में मेडिसिन, कार्डियोलाजी और न्यूरोलाजी विभाग में रोजाना आने वाले मरीजों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में 30-35 प्रतिशत तक बढ़ गई है।
इमरजेंसी वार्ड में ब्रेन स्ट्रोक और हार्ट अटैक के मरीजों की संख्या अधिक देखी जा रही है। कई वार्डों में बेड पूरी तरह भर चुके हैं। आइजीआइसी के निदेशक डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि अभी इमरजेंसी में हर दिन 20-25 मरीज पहुंच रहे हैं। कई बार स्थिति यह हो जाती है कि मरीज को बेड उपलब्ध कराना मुश्किल हो जाता है।
शुगर, बीपी व अस्थमा वाले मरीजों को अधिक परेशानी
एनएमसीएच में भी ठंडजनित रोगों के मरीजों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। मेडिसिन विभाग के डाक्टरों के अनुसार, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों में सांस की समस्या, हाई बीपी और सीने में दर्द की शिकायतें अधिक सामने आ रही हैं। यहां भी मेडिसिन वार्ड पर दबाव बढ़ गया है। आइजीआइएमएस में न्यूरोलाजी और कार्डियक यूनिट में मरीजों की संख्या बढ़ी है।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, ठंड के कारण ब्लड प्रेशर असंतुलन से स्ट्रोक के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं। कई गंभीर मरीजों को आइसीयू में भर्ती करना पड़ रहा है, इससे बेड की उपलब्धता सीमित हो गई है। एम्स पटना में भी ओपीडी और इमरजेंसी में मरीजों की भीड़ देखी जा रही है।
यहां सर्दी-खांसी, बुखार के साथ-साथ हार्ट और फेफड़ों से संबंधित बीमारियों के मरीज अधिक पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि ठंड में सुबह और रात के समय विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
डॉक्टरों की सलाह
आइजीआइसी के उप निदेशक सह डीएम कार्डियोलाजिस्ट डॉ. रोहित कुमार ने बताया कि सुबह और देर शाम बाहर निकलते समय गर्म कपड़े जरूर पहनें। धूप निकलने पर ही टहलने के लिए निकलें।
ठंडी हवा से सीधे संपर्क से बचें। कहा कि बुजुर्ग, हृदय एवं सांस के मरीज विशेष सावधानी रखें और अचानक सीने में दर्द, चक्कर या सांस लेने में परेशानी हो तो तुरंत अस्पताल पहुंचें। |