BSEB मुख्यालय पर हंगामे के बाद टूटा सन्नाटा
जागरण संवाददाता, पटना। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) मुख्यालय के बाहर लाइब्रेरियन भर्ती को लेकर हुए बवाल के बाद आखिरकार अभ्यर्थियों को राहत भरी खबर मिली है। प्रदर्शन के दबाव में बोर्ड के सचिव बाहर आए और आंदोलित अभ्यर्थियों से सीधे संवाद किया। इस दौरान लाइब्रेरियन भर्ती (LET 2026) को लेकर सचिव की ओर से दिए गए जवाब ने नाराज उम्मीदवारों की उम्मीदें जगा दी हैं।
दरअसल, लंबे समय से लंबित लाइब्रेरियन बहाली को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी BSEB कार्यालय के बाहर जुटे थे। अभ्यर्थियों का आरोप था कि भर्ती प्रक्रिया को लेकर न तो स्पष्टता है और न ही कोई ठोस समय-सीमा बताई जा रही है।
इसी को लेकर प्रदर्शन के दौरान माहौल गर्म हो गया और कुछ देर के लिए स्थिति तनावपूर्ण बन गई। पुलिस को भी मौके पर तैनात होना पड़ा।
सचिव ने आकर दिया आश्वासन
हंगामे के बाद BSEB के सचिव स्वयं बाहर आए और अभ्यर्थियों से बातचीत की। उन्होंने स्पष्ट किया कि लाइब्रेरियन भर्ती को लेकर बोर्ड और शिक्षा विभाग स्तर पर प्रक्रिया चल रही है और इसे नजरअंदाज नहीं किया गया है।
सचिव ने कहा कि अभ्यर्थियों की मांगें जायज हैं और भर्ती से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लिया जा रहा है।
सचिव की ओर से यह भी संकेत दिया गया कि भर्ती प्रक्रिया में आ रही अड़चनों को दूर करने के लिए शिक्षा विभाग से समन्वय किया जा रहा है और जल्द ही इस पर आधिकारिक अपडेट दिया जाएगा। इस जवाब के बाद प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों में कुछ हद तक संतोष देखा गया।
अभ्यर्थियों में जगी उम्मीद
सचिव के बयान के बाद लाइब्रेरियन अभ्यर्थियों ने कहा कि पहली बार किसी जिम्मेदार अधिकारी ने सीधे आकर उनकी बात सुनी है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि जब तक भर्ती को लेकर लिखित सूचना या ठोस टाइमलाइन नहीं आती, तब तक आंदोलन पूरी तरह खत्म नहीं होगा।
अभ्यर्थियों का कहना है कि राज्य में हजारों स्कूल और कॉलेजों में लाइब्रेरियन के पद खाली हैं, लेकिन वर्षों से बहाली नहीं हो पाई है। इससे न केवल योग्य उम्मीदवार बेरोजगार हैं, बल्कि शैक्षणिक संस्थानों में भी शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
सरकार और विभाग पर टिकी निगाहें
इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब सभी की नजरें बिहार शिक्षा विभाग, BSEB और राज्य सरकार पर टिकी हैं। अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और शिक्षा मंत्री सुनील कुमार के स्तर से इस मामले में हस्तक्षेप होगा और लाइब्रेरियन भर्ती को लेकर जल्द सकारात्मक फैसला लिया जाएगा।
फिलहाल, BSEB के बाहर हुए बवाल के बाद सचिव की ओर से मिले आश्वासन को अभ्यर्थी “गुड न्यूज” मान रहे हैं। अब देखना यह है कि यह आश्वासन कागजों और अधिसूचना में कब बदलता है। |