नई दिल्ली। 31 दिसंबर 2025 पैन और आधार कार्ड लिंक करने की आखिरी तारीख थी, जो बीत चुकी है। पैन और आधार लिंक न करने से यूजर्स को कई तरह की परेशानी से जूझना पड़ सकता है। ये भी हो सकता है कि आपका पैन कार्ड इनऑपरेटिव हो जाए। इसका मतलब है कि आगे काम न करें। चलिए जानते हैं कि आप कैसे पता कर सकते हैं कि पैन कार्ड इनएक्टिव हुआ या नहीं?
Pan Card इनएक्टिव हुआ या नहीं?
पैन कार्ड स्टेटस देखने के लिए आपका पैन और मोबाइल नंबर लिंक होना चाहिए। ये इनएक्टिव हुआ या नहीं, इसे पता करने के लिए आपको नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करना होगा।
स्टेप 1- सबसे पहले आपको इनकम टैक्स की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाना होगा।
स्टेप 2- यहां आपको होम पेज पर दिए Quick Links पर Verify Pan Status वाले ऑप्शन पर जाना होगा।
स्टेप 3- अब पैन नंबर, नाम, जन्मतिथि और मोबाइल नंबर भरना होगा। यहां वही नंबर दर्ज करें, जो पैन से लिंक हो।
स्टेप 4- इसके बाद वेरिफिकेशन के लिए मोबाइल में एक ओटीपी आएगा, इसे दर्ज करें।
स्टेप 5- यहां आपको साफ दिख जाएगा कि आपका पैन कार्ड एक्टिव है या इनएक्टिव।
अगर इनएक्टिव हुआ तो क्या करें?
आपका पैन कार्ड मुख्य तौर पर दो वजह से इनएक्टिव हो सकता है। पहला अगर आपने इसे आधार से लिंक न किया हो। दूसरा अगर आपने अपनी कोई पर्सनल डिटेल गलत दर्ज की हो। आइए जानते हैं कि आप पैन से आधार लिंक कैसे कर सकते हैं।
Pan- Aadhaar Link कैसे करें?
आप इनकम टैक्स ई-फाइलिंग के जरिए पैन कार्ड से आधार कार्ड लिंक कर सकते हैं। नीचे दिए गए स्टेप्स से आप आसानी से आधार को पैन कार्ड से लिंक कर सकते हैं।
स्टेप 1- सबसे पहले आपको टैक्स ई-फाइलिंग वेबसाइट पर जाना होगा।
स्टेप 2- यहां आपको लिंक आधार वाले ऑप्शन पर क्लिक करना होगा।
स्टेप 3- अब अपना आधार और पैन कार्ड नंबर दर्ज करें।
स्टेप 4- इसके बाद रिजर्स्ड मोबाइल नंबर दर्ज करें।
स्टेप 5- फिर I agree to validate my Aadhaar details with UIDAI पर क्लिक करें।
स्टेप 6- इसके बाद आपको Pan Has Been Linked Successfully का मैसेज आएगा।
इसके साथ ही अब आपको लिंक करने पर 1000 रुपये जुर्माना देना होगा।
लिंक करने पर क्या होगा?
आईटीआर रिफंड मिलने में परेशानी आ सकती है।
आपको अगले साल आईटीआर रिटर्न भरने में परेशानी होगी।
टीसीएस या टीडीएस हाई रेट पर लगेंगे।
बैंक अकाउंट खोलने में परेशानी।
डेबिट या क्रेडिट कार्ड मिलने में दिक्कत।
बैंक या पोस्ट ऑफिस में एक दिन में 50 हजार से ज्यादा नहीं जमा कर सकते।
एक वित्तीय वर्ष में 2,50,000 से ज्यादा राशि जमा नहीं कर सकते।
10 हजार से ज्यादा किसी भी बैंक में लेन देन नहीं कर सकते।
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