प्रतीकात्मक तस्वीर
जागरण संवाददाता, खानपुर (गाजीपुर)। सरकार ने ग्राम पंचायत सचिवालयों में अत्याधुनिक डिजिटल पुस्तकालय स्थापित करने का निर्णय लिया है। जिससे ग्रामीण इलाके के नौजवान लड़कों और लड़कियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बाहर और महंगे कोचिंग सेंटरों पर नहीं जाना पड़ेगा।
इस अत्याधुनिक सार्वजनिक ज्ञान केंद्र में सभी आयु वर्ग के लोग आध्यात्मिक, सामाजिक, ऐतिहासिक और पौराणिक पुस्तकों का अध्ययन कर सकते है। ग्रामीण युवाओं के लिए बड़ी सौगात देते हुए सैदपुर ब्लॉक के सभी 98 गांवों में अत्याधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी खोलने का लक्ष्य तय किया है।
जहां सिविल सर्विसेज समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रतियोगी परीक्षार्थियों को अब बड़े शहरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा। एडीओ पंचायत सैदपुर रमेशचंद्र सिंह ने बताया कि डिजिटल लाइब्रेरी में वाई-फाई, एलईडी स्क्रीन, सीसीटीवी कैमरे, कंप्यूटर सिस्टम के साथ पठनीय किताबों और डिजिटल कंटेंट की समृद्ध व्यवस्था होगी।
जिससे ई-बुक्स, वीडियो और ऑडियो लेक्चर, क्विज और लाखों डिजिटल शैक्षणिक सामग्री के जरिए ग्रामीण युवा अब अपने गांव में रहकर ही उच्च स्तरीय तैयारी कर सकेंगे। प्रत्येक लाइब्रेरी पर करीब चार लाख रुपये खर्च होंगे। इसमें एक लाख अस्सी हजार रुपये की पुस्तकें, आईटी उपकरण और आधुनिक फर्नीचर की व्यवस्था की जा रही है।
बालिकाओं को अलग बैठकर पढ़ने की सुविधा होगी। यह सार्थक पहल ग्रामीण भारत को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने और विकसित भारत की दिशा में युवाओं को बराबरी का अवसर देने वाला मजबूत कदम है। ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव लाइब्रेरी का नियमित प्रबंधन करेंगे।
इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर मजबूत होगा और युवा रोजगार व प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अधिक सक्षम बनेंगे। चरणबद्ध तरीके से सभी गांवों की पंचायत सचिवालय में डिजिटल लाइब्रेरी का कार्य जल्द शुरू किया जाएगा। |