सांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, आगरा। इजरायली तकनीक से पूर्व विधायक महेश गोयल के तांतपुर स्थित फार्म हाउस पर हो रही खेती का निरीक्षण करने के लिए इजरायल के राजदूत रेयुवेन अजर पहुंचे। आलू, टमाटर की खेती को देखा। दोनों ही फसलों बेहतर पाया। सिंचाई की विधि और तकनीक के साथ तैयार हो रही फसलाें के प्रबंधन की सराहना की।
कहा कि यह प्रयोग किसान को कम लागत में अच्छा मुनाफा देने वाला साबित होगा। इजरायली तकनीक पर फसलों को तैयार किया जा रहा है। खेरागढ़ विधानसभा के भाजपा के पूर्व विधायक महेश गोयल ने इजरायल की एक कंपनी से नई तकनीक पर खेती किए जाने के लिए प्रोजेक्ट खरीदा है। जिसपर 20 प्रतिशत इजरायली सरकार ने सब्सिडी भी दी है।
उन्होंने अपने तांतपुर स्थित फार्म हाउस में 20 एकड़ कृषि भूमि पर इजरायली तकनीक से आलू, टमाटर, मिर्च, गोभी, बैंगन आदि की खेती की जा रही है। इसकी शुरूआत रबी की फसलाें से की गई है। विधायक महेश गोयल ने बताया कि किस फसल को कब सिंचाई की आवश्यकता है। कितनी आवश्यकता है।
इसे सेंसर से महसूस कर जरूरत के हिसाब से सिंचाई की जाती है। फसल में कब किस तत्व की जरूरत है, उसी के आधार पर पूर्ति की जाती है। मंगलवार दोपहर 12 बजे फार्म हाउस पर पहुंचे इजरायली राजदूत ने इंडो-इज़रायल तकनीकी पर आधारित आधुनिक खेती प्रणाली का गहनता के साथ निरीक्षण किया। लगभग तीन घंटे तक खेतों में अपनाई जा रही उन्नत कृषि तकनीकों की बारीकियों को समझा।
ग्रेविटी फोर्स आधारित सिंचाई व्यवस्था से खेतों में पानी का प्रवाह किया जाता है, जिससे कम जल उपयोग में बेहतर उत्पादन संभव हो रहा है। सिंचाई के लिए आधुनिक इंडो-इज़रायल तकनीक पर आधारित उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है। निरीक्षण के बाद फसलों की गुणवत्ता, जल प्रबंधन प्रणाली और उत्पादन प्रक्रिया की सराहना की।
उन्होंने कहा कि यह तकनीकी खेती किसानों की आय बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो सकती है। निरीक्षण के बाद राजदूत ने पूर्व विधायक महेश गोयल के पारिवारिक सदस्यों के साथ सहभोज भी किया। पूर्व विधायक महेश गोयल ने बताया कि इंडो-इज़रायल आधारित खेती को सफल बनाने के लिए फार्म हाउस पर समय-समय पर तकनीकी विशेषज्ञ और प्रशिक्षित टेक्नीशियन पहुंचते रहते हैं।
किसानों को प्रशिक्षण देकर उत्पादन बढ़ाने और लागत कम करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। |
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