सांकेतिक तस्वीर
संवाद सूत्र, पाकुड़। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-वन कुमार क्रांति प्रसाद की अदालत ने बुधवार को जमीन विवाद में हुई हत्या के मामले में चार आरोपितों को दोषी करार दिया। दोषी ठहराए जाने के बाद चारों आरोपितों को कोर्ट हाजत के एएसआइ हिरेंद्र नाथ मंडल की सुरक्षा में सौंप दिया गया था। हालांकि, सजा की तिथि घोषित होने से पहले ही बड़ी लापरवाही सामने आई और चार में से दो दोषी न्यायालय परिसर से फरार हो गए।
जानकारी के अनुसार दोषी करार दिए गए आरोपितों में शिवधन मोहाली, कादू मोहाली उर्फ वकील मोहाली, सुनीलाल मोहाली और नरेन मोहाली शामिल हैं। इसी दौरान कोर्ट हाजत के एएसआइ हिरेंद्र नाथ मंडल बिना किसी को सूचना दिए पुलिस बुलाने के लिए हाजत की ओर चले गए।
जब वे वापस लौटे तो पाया कि शिवधन मोहाली और नरेन मोहाली लघु शंका जाने के बहाने फरार हो चुके हैं। शेष दो दोषी सुनीलाल मोहाली और कादू मोहाली को न्यायिक अभिरक्षा में रखा गया। दोषी करार दिए गए सभी आरोपित आमडापाड़ा थाना क्षेत्र के अंबाडीहा गांव के मोहाली टोला के निवासी हैं। मृतक भोला नाथ मोहाली भी उसी गांव के रहने वाले थे।
जमीन विवाद में हुई थी हत्या
इस घटना को लेकर मृतक की पुत्री श्रीफूल मोहाली ने 12 जनवरी 2019 को अमड़ापाड़ा थाना में केस दर्ज कराया था। प्राथमिकी के अनुसार घटना के दिन शाम करीब 7:30 बजे श्रीफूल मोहाली अपने घर में खाना बना रही थी। इसी दौरान चारों आरोपित एक अन्य व्यक्ति के साथ घातक हथियार लेकर घर में घुस आए। आरोपितों ने उसके पिता भोला नाथ मोहाली को खींचकर घर से बाहर निकाला और कुल्हाड़ी, सब्बल व लाठी से हमला कर दिया।
हमले में भोला नाथ मोहाली गंभीर रूप से घायल हो गए। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और उन्हें तत्काल स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। वहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए पाकुड़ सदर अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। बताया गया कि मृतक और आरोपितों के बीच जमीन विवाद को लेकर पाकुड़ न्यायालय में पहले से मामला लंबित था। इधर पुलिस फरार आरोपितों की तलाश में छापेमारी कर रही है। |
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