भाजपा पार्षद विनोद शर्मा उर्फ शिवप्रकाश शर्मा
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। लाइनपार वार्ड-53 से भाजपा पार्षद विनोद शर्मा उर्फ शिवप्रकाश शर्मा ने नगर निगम के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है। फेसबुक लाइव पर आकर उन्होंने 12 मिनट दो सेकेंड के वीडियो में नगर निगम में टेंडरो में हो रहे भ्रष्टाचार की परतें खोलीं हैं। दावा किया है कि उनके पास बीते एक साल में हुए चार सौ करोड़ के कामों की पूरी कुंडली है।
एक कंपनी पर विशेष मेहरबानी की जा रही है। इस कंपनी का भुगतान तुरंत किया जा रहा है। आखिर इस कंपनी का ऐसा क्या है। महापौर विनोद अग्रवाल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनसे भ्रष्टाचार की शिकायत की तो बोले-चुप रहो। कहा कि पार्षद नहीं पहरेदार हूं। जनता ने चुना है, इसलिए चुप कैसे बैठ सकता हूं।
प्रसारित वीडियो में पार्षद विनोद शर्मा निगम में काम कर रही एक कार्यदायी संस्था निर्वाण पर सवाल खड़े किये। कहा कि इस कंपनी के कार्य की गुणवत्ता खराब है। शिकायत के भी इस कंपनी पर कोई कार्रवाई नहीं होती। यह कंपनी पूरे निगम क्षेत्र में कहीं भी काम करें, उसका बिल जेई कृष्ण लाल बनाता है। तुरंत भुगतान करा दिया जाता है।
टेंडरों में खेल हो रहा है। इन सब भ्रष्टाचार की शिकायत महापौर से की तो प्रतिक्रिया नहीं दी। बोले-चुप रहो। यह बात अच्छी नहीं लगी। इतने बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार कैसे देख सकता हूं। जनता ने पार्षद चुना है, तो आवाज उठाऊंगा। चार दिन पहले 60 करोड़ रुपये के टेंडर लगे। उसमें हर वार्ड में काम शामिल किया गया है।
सिर्फ लाइनपार वार्ड-53 छोड़ दिया गया। आवाज उठाने की सजा दी जा रही है। निगम में आखिर ऐसा क्या है तो टेंडर बिलो ही नहीं जा रहे। मात्र दिखाने भर के लिए बिलो टेंडर किये जा रहे। 90 करोड़ से एनएससीपी में काम निकला। उतने में ही टेंडर हो गया। क्या किसी ने बिलो टेंडर ही नहीं डाला। लूटमार चल रही है। सब मैनेज है।
कोई तीसरा काम डाल तो कोई ना कोई काम बताकर उसे रिजेक्ट कर दिया जाता है। सीधी बात कहना चाहता हूं। भ्रष्टाचार की आवाज हो उठाएगा, उसकी आवाज कुचल दी जाएगी। उसी का अंजाम भुगत रहा हूं। पार्षद नहीं पहरेदार हूं, इसलिए सभी सीनियर्स से मांग करता हूं कि वह जांच कराएं।
खुद हूं ब्राह्मण, वार्ड में ब्राह्मण इसलिए भी सजा
लाइव वीडियो ने पार्षद ने कहा कि वार्ड मलिन बस्ती में दर्ज है। मैं ब्राह्मण हूं। वार्ड में बड़ी संख्या में ब्राह्मण हैं। महापौर यह बात भली-भांति जानते हैं। क्या महपौर इसीलिए रोक रहे कि मैं ब्राह्मण हूं। वार्ड में ब्राह्मण हैं। प्रकरण में भाजपा पार्षद का पक्ष जानने के लिए सीयूजी और पर्सनल दोनों नंबरों पर फोन किया गया, मगर दोनों नंबर बंद मिले। पूरे वीडियो में पार्षद ने महापौर पर भी सवाल खड़े किये। लिहाजा, महापौर विनोद अग्रवाल का पक्ष जानने के लिए भी फोन किया गया, मगर उनका फोन नहीं उठा।
एक ही कंपनी को ठेके देने का पार्षद का आरोप निराधार है। 30 करोड़ रुपये के काम 26 ठेकेदारों को मिले थे। जिसमें कुछ तो पुराने ठेकेदार हैं। ई-टेंडर में शर्तें पूरी करने वाले ठेकेदारों को काम मिलेंगे। वार्डों में काम लगाने की सूची महापौर के यहां से आई थी। महापौर अगर अतिरिक्त काम भेजेंगे तो वह जोड़ दिए जाएंगे। शहर की जनता के हित में सभी वार्डों में विकास कार्य हो रहे हैं।
- दिव्यांशु पटेल, नगर आयुक्त
यह भी पढ़ें- मुरादाबाद के हिंदू कॉलेज में छात्र को जिंदा जलाने की कोशिश, कॉलेज परिसर में दौड़ा आग की लपटों में घिरा छात्र! |
|