शाहिद सिद्दीकी, अयोध्या। जिले की एक मात्र एवं आदर्श नगर पालिका रुदौली में पेयजल की गुणवत्ता ही संदिग्ध है। पेयजल आपूर्ति की गुणवत्ता को जांचने के लिए नगर पालिका प्रशासन जल निगम पर निर्भर है और जल निगम इस दिशा में उदासीन है। लापरवाही का आलम यह है कि जल आपूर्ति की तीन वर्षों से जांच नहीं कराई गई। ऐसी स्थिति में नगर वासियों ने जल की शुद्धता पर संदेह व्यक्त किया है, कारण है कि कई स्थानों पर लीकेज होने के बावजूद उन्हीं पाइप लाइनों से जल आपूर्ति की जा रही है।
पानी की शुद्धता का कोई ख्याल नहीं है। स्थिति इंदौर जैसी न हो जाए इसके लिए समय पर पानी की जांच कराये जाने की आवश्यकता है, लेकिन यहां पर जांच के लिए कोई लैब की व्यवस्था नहीं है। जांच के लिए पानी का नमूना जिला मुख्यालय स्थित जल निगम कार्यालय भेजा जाता है। इसके लिए जल निगम ने एक कर्मचारी भी तैनात किया है। फिर भी लंबे समय से पानी की जांच किए बगैर नगर में जलापूर्ति हो रही है। मोहल्ला ख्वाजाहाल व पूरे खान के कई स्थानों पर पाइप लाइन में लीकेज है। ये पाइप लाइनें नाली से होकर गुजरी हैं।
जल निगम की उदासीनता के कारण कार्य अधूरा
यह समस्या नगर के पूरे खान, ख्वाजाहाल, कजियाना आदि मोहल्लों में है। नगर पालिका के परिसर में पुरानी पानी टंकी की क्षमता 1250 किलोलीटर होने के कारण पूरे नगर में पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही थी। आवश्यकतानुसार सात वर्ष पूर्व दो नई पानी की टंकियों के निर्माण के साथ पाइप लाइन बिछाना शुरू हुआ था। कार्यदायी संस्था जल निगम की उदासीनता के कारण कार्य आधा अधूरा है। नगर के अधिकतर वार्डों के लोगों को शुद्ध पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
आबादी बढ़ने के बाद वर्ष 2018 में नगर वासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 17.5 करोड़ रुपये की लागत से नगर के 25 वार्डों में 50 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाना शुरू हुआ था। इसके लिए मीरापुर वार्ड में 21 लाख किलोलीटर व रसूलाबाद वार्ड में 18 लाख किलो लीटर क्षमता की पानी टंकी का निर्माण किया गया, जिसकी आज तक टेस्टिंग तक पूरी नहीं हो सकी है। नगर के अधिकतर मोहल्लों में मार्गों को तोड़ कर पाइप लाइन डाली गई है। कई जगह नई पाइप लाइन को नालियों के रास्ते बिछाया गया है। जल आपूर्ति दूषित होगा इसका भी ख्याल नहीं किया गया है।
जनता बोली
लीकेज होने से पानी की शुद्धता संदिग्ध हो जाती है। पूरे खान मोहल्ला के लीकेज को गम्भीरता से लेकर इसे दूर करना चाहिए। जिससे दूषित जल पीने से बचा जा सके। - दीपक मिश्रा
नई पाइप लाइन बिछाने में इसका ध्यान नहीं रखा गया है कि पाइप लाइन नालियों के बीच से जाने में जल आपूर्ति दूषित होगी- तफीम सफवी
मोहल्ला ख्वाजाहाल के अधिकतर लोग पेयजल के लिए आदर्श नगर पालिका की सप्लाई पर ही निर्भर हैं। जनता को विश्वास होता है कि सप्लाई किया जा रहा जल शुद्ध मिल रहा है। - डा. अजीजुर्रहमान अंसारी
हमारे घर के सामने नई सड़क का निर्माण हुआ है। जल आपूर्ति की कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन पाइप लाइन का घरों में कनेक्शन न होने से सड़क पर पानी बहता रहता है। इसे ठीक कराना चाहिए। - मोहम्मद वामिक
कई स्थानों पर पाइप लाइन कनेक्शन के पास से लीक हैं। जलापूर्ति के बाद पानी बहता रहता है इसी ठीक कराना चाहिए- परवेज नसरुल्ला खां
जल की नियमित जांच होनी चाहिए। नाली में लीकेज होने के बाद पानी की जांच आवश्यक हो जाती है इसमें कोई संदेह नहीं कि पानी की पाइप लाइन नाली में होगी तो शुद्धता प्रभावित होगी। - अमान शेख
नगर पालिका परिषद से की जा रही जल आपूर्ति की सैंपलिंग कर जांच के लिए नमूना 2022-23 में भेजा गया था। अब जल्द ही जांच के लिए सैंपल जल निगम जिला मुख्यालय भेजा जाएगा।
प्रेमनाथ, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद रुदौली
रामनगरी में पेयजल की जांच के लिए सड़क उतरे जीएम जलकल
जिला मुख्यालय पर नगर निगम क्षेत्र में पेयजल की गुणवत्ता को जांचने के लिए जलकल की टीम ने गुरुवार को भी अभियान जारी रखा। अभी तक पेयजल की गुणवत्ता बेहतर है। टीम का नेतृत्व करने के लिए महाप्रबंधक जल सौरभ श्रीवास्तव भी उनके साथ भ्रमणशील रहे।
महाप्रबंधक ने रेतिया मुहल्ले में पानी की टेस्टिंग के साथ-साथ डोर-टू-डोर जाकर स्थानीय लोगों से पेयजल की गुणवत्ता से जुड़ा फीडबैक भी लिया। टीम ने जनौरा वार्ड, निषादराज वार्ड, विक्रमादित्यनगर एवं लक्ष्मणघाट वार्ड का भ्रमण कर पानी के 117 नमूनों का परीक्षण किया, जिनका परिणाम सकारात्मक रहा। महाप्रबंधक ने बताया कि अभियान निरंतर चलता रहेगा। टीम को निर्देश दिया गया है कि जांच के साथ लोगों से जल की गुणवत्ता संबंधी फीडबैक अवश्य लें।
नगर निगम क्षेत्र में प्रमुख स्थानों पर टीडीएस व पीएच रिपोर्ट
- लक्ष्मणघाट : टीडीएस 550-650, पीएच-7.0-7.5
- कुर्की टोला : टीडीएस-300-450, पीएच-7.0-7.50
- दिल्ली दरवाजा : टीडीएस-450-550, पीएच-7.0-7.5
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