अवैध कोयला खदानों के मुहाने को बंद कराती सीआइएसएफ। (फाइल फोटो)
जासं, मैथन (धनबाद)। गलफरबाड़ी सन्यासी मंदिर के समीप जंगलों में चलाई जा रही सैकड़ों अवैध भूमिगत खदानों की भराई करने में सीआइएसएफ के पसीनेें छूट रहे हैं। गुरुवार को दैनिक जागरण में खबर छपने के बाद सीआइएसएफ के जवानों करीब एक दर्जन से अधिक खदानों की भराई की।
मगर यहां अभी भी करीब दो सौ ऐसी अवैध खदानें हैं, जिसकी भराई कैसे होगी इसको लेकर सीआइएसएफ के अधिकारी व जवान खासे परेशान हैं। वेलोग देर शाम तक खदानों की भराई करने में जुटे रहे। इधर कोयला चोरी रोकने में गलफरबाड़ी ओपी पुलिस का सहयोग नहीं मिल रहा है।
सीआइएसएफ की ओर से लिखित देने के बाद भी पुलिस अवैध खदान संचालकों व दुधियापानी के भट्ठा मालिकों पर कार्रवाई नहीं कर रही है। इससे कोयला चोरों का मनोबल बढ़ता जा रहा है और वेलोग फिर सक्रिय हो रहे हैं।
सीआइएसएफ के एक अधिकारी ने बताया कि सन्यासी मंदिर के समीप जंगलों में असुरक्षित स्थिति में चलाई जा रहीं सैकड़ों भूमिगत खदानों को बंद करना जरूरी है। वरना कभी भी यहां बड़ी दुर्घटना घट सकती है। मगर यह तभी संभव है जब सीआइएसएफ को गलफरबाड़ी पुलिस व ईसीएल मुगमा एरिया के सुरक्षाकर्मियों का पूर्ण रूप से सहयोग मिले।
हमलोग जब कोयला जब्त कर गलफरबाड़ी ओपी में लिखित शिकायत देने जाते हैं तो पुलिस उल्टा ही हमलोगों से कई सवाल पूछने लगती है। एक तो छापेमारी की सूचना देने के बाद भी पुलिस घटनास्थल पर नहीं आती है और जब हमलोग छापेमारी कर कोयला जब्त कर लेते हैं तो उसे उठवाने में मदद नहीं करती है। ऐसी स्थिति में सिर्फ सीआइएसएफ कैसे और कहां-कहां कोयला चोरी पर रोक लगाएगी।
एक तरफ अवैध खदानों की भराई तो दूसरी तरफकोयला चोरी
सीआइएसएफ के लाख प्रयास के बाद भी गलफबाड़ी सन्यासी मंदिर के समीप जंगलों में चलाई जा रही अवैध कोयला खदानों से कोयला चोरी रुकने का नाम नहीं ले रही है। एक तरफ सीआइएसएफ अवैध भूमिगत खदानों की भराई करा रही है तो दूसरी तरफ कुछ दूर में खोली गई खदानों से बड़े पैमाने पर कोयले के अवैध खनन किया जा रहा है। सीआइएसएफ चाहकर भी कुछ नहीं कर पाती है। स्थानीय पुलिस के सह मिलने के कारण कोयला चोर निडर हो गए हैं। |
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