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ईरान में विरोध प्रदर्शन तेज।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरान में आर्थिक बदहाली और महंगाई के खिलाफ जनाक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। सरकार के तमाम प्रयास के बावजूद देश में विरोध प्रदर्शन थमने के नाम नहीं ले रहे हैं। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए शुक्रवार को इंटरनेट और संचार सेवाओं को बंद कर दिया गया, जिसके चलते ईरान बाहरी दुनिया से कट गया।
हालांकि इसके बावजूद देशभर में कई स्थानों पर सरकार विरोधी प्रदर्शन हुए। देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों को चेताया कि तेहरान ऐसे लोगों को बर्दाश्त नहीं करेगा। सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने टेलीविजन संबोधन में प्रदर्शनकारियों पर आरोप लगाया कि वे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के लिए काम कर रहे हैं और कहा कि वे सार्वजनिक संपत्तियों पर हमला कर रहे हैं और दूसरे देश के राष्ट्रपति को खुश करने के लिए अपनी ही सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं।
खामेनई ने दी चेतावनी
इसके साथ ही उन्होंने यह चेतावनी दी कि तेहरान विदेशियों के लिए भाड़े के सैनिकों के रूप में काम करने वाले लोगों को बर्दाश्त नहीं करेगा। जबकि सरकारी मीडिया ने कहा कि अमेरिका और इजरायल के आतंकी एजेंटों ने माहौल बिगाड़ा और हिंसा भड़काई। इधर, ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी के आह्वान पर तेहरात समेत देश के कई हिस्सों में सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया।
मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की तरफ से कुछ ऑनलाइन वीडियो शेयर किए गए, जिनमें प्रदर्शनकारी तेहरान और अन्य जगहों पर सड़कों पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते दिखे।
इससे पहले विपक्षी गुटों समेत क्राउन प्रिंस ने शुक्रवार को बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करने की अपील की। पहलवी ने इंटरनेट मीडिया पोस्ट में ईरानियों से कहा, \“आप लोगों पर दुनिया की नजरें हैं। सड़कों पर उतरें।\“ इसके बाद प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए देशभर में इंटरनेट और फोन सेवाओं को बंद कर दिया गया।
गुरुवार रात भी कई जगहों पर सरकार विरोधी प्रदर्शन हुए, जिसमें कई जगहों पर आगजनी की खबर है। सरकारी टेलीविजन द्वारा प्रकाशित तस्वीरों में कई जगहों पर बसों, कारों और मोटरसाइकिलों के अलावा मेट्रो स्टेशनों व बैंकों को जलते दिखाया गया। इधर, ईरान में विरोध प्रदर्शनों और इंटरनेट बंद होने के कारण शुक्रवार को दुबई और ईरानी शहरों के बीच करीब 20 उड़ानें रद कर दी गईं।
ट्रंप ने दोहराई अपनी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने गुरुवार को एक इंटरव्यू में कहा कि वह पहलवी से नहीं मिलेंगे और इस बात को लेकर निश्चित नहीं हूं कि उनका समर्थन करना उचित होगा या नहीं। उन्होंने ईरानी क्राउन प्रिंस से मिलने के बारे में पूछे जाने पर यह जवाब दिया। ट्रंप ने इसके साथ ही ईरानियों की मदद की बात दोहराई। उन्होंने पिछले सप्ताह यह चेतावनी दी थी कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई गई तो अमेरिका उनकी मदद के लिए आएगा।
अब तक 42 लोगों की गई जान
एपी के अनुसार, ईरान में गत 28 दिसंबर से भड़के सरकार विरोधी प्रदर्शनों में अब तक 42 लोगों की जान जा चुकी है। जबकि इन प्रदर्शनों के दौरान 2270 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। अमेरिका आधारित मानवाधिकार एजेंसी ह्मूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स ने यह जानकारी दी है।
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