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ग्रामीणों को मिली बड़ी सुविधा, हर ग्राम पंचायत तक पहुंचेगी रोडवेज बस; डग्गेमार बसें भी होंगी अनुबंधित

Chikheang 2026-1-9 20:26:58 views 733
  

ISBT आगरा पर खड़ीं रोडवेज बसें।



जासं, आगरा। सरकार की योजना हर ग्राम पंचायत तक ग्रामीण बस सेवा को पहुंचाने की है। जिसके लिए ग्रामीण मार्ग पर चलने वाली डग्गेमार बसों को भी अनुबंधित करने की योजना है। अपर मुख्य सचिव द्वारा बुधवार को प्रशासन और संभागीय परिवहन विभाग और रोडवेज के अधिकारियों की वीडियो कांफ्रेस के माध्यम से बैठक की गई थी। जिसमें प्रत्येक ग्राम पंचायत तक ग्रामीण बस सेवा का संचालन करने के निर्देश दिए हैं।

आगरा और मथुरा में ग्रामीण बस सेवा के लिए 100 किलोमीटर के क्षेत्र में 19 रूट चिन्हित किए गए है। जिनमें से 15 रूट पर बसों का संचालन शुरू कर दिया गया है। जिसका किराया सामान्य से 20 प्रतिशत कम है।आरटीओ से डग्गेमार बसों वाले रूटों को चिन्हित करने को कहा है। जिससे कि उक्त बसों को अनुबंधित करके ग्रामीण रूटों पर संचालित किया जा सके।

जिलों के दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में रोडवेज बसों के नियमित संचालन की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। आगरा समेत आसपास के अधिकांश ग्रामीण रूटों पर डग्गेमार बसों का वर्चस्व है। जिनके द्वारा रोडवेज से कम किराया वसूला जाता है। जिसे देखते हुए मुख्यमंत्री द्वारा नववर्ष से ग्रामीण बस सेवा का संचालन करने की महत्वाकांक्षी योजना शुरू की गई है।

आगरा और मथुरा में ग्रामीण रूटों पर अधिकतम 100 किलोमीटर तक रोडवेज बसों का संचालन किया जा रहा है। जिससे दूर-दराज से आने वाले ग्रामीणों काे डग्गेमार वाहनाें में चलने को मजबूर नहीं होना पड़ेगा। मथुरा में छह और आगरा में 13 ग्रामीण रूटों को बसों के संचाजन के लिए चिन्हित किया गया है।


विशेषता

  • ग्रामीण बस सेवा का किराया रोडवेज की बसों से 20 प्रतिशत कम रखा गया है। जिससे कि ग्रामीण डग्गेमार वाहनों से यात्रा पर अंकुश लगाया जा सके।
  • जिन 19 रूट को चिन्हित किया गया है, वहां से गुजरने वाली बसें ग्राम पंचायतों से होकर गुजरेंगी। जिससे कि प्रत्येक ग्राम पंचायत के ग्रामीणों को इसका लाभ मिल सके।
  • शहर से रात में जाने वाली बसों का रात में ग्रामीण बस अड्डों पर ठहराव होगा। जिससे कि वह अगले दिन सुबह समय पर वहां से शहर आ सके।
  • रोडवेज ने ग्रामीण रूटों पर आठ लाख किमी चल चुकी बसों को लगाया है। मानकों के अनुसार प्रत्येक बस 11 लाख किलोमीटर या 10 वर्ष चलने के बाद नीलामी की श्रेणी में जाती है।
  • ग्रामीण बस सेवा में चलने चालक-परिचालकों को दूरी कम होने के चलते प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।
  • बसों की संख्या एक से दो रखी गई है। यात्रियों की संख्या को देखते हुए बसों द्वारा दो से छह चक्कर लगाए जाएंगे।


  
इन मार्ग पर संचालित हो रही ग्रामीण बस सेवा

खेरिया-आगरा, पैसई-बिजलीघर, दाऊदपुर-ईदगाह, बिजलीघर से इरादतनगर, वृथला, धिमिश्री, निबोहरा, नूरपुर एवं शमसाबाद, रुदमुली-खेरागढ़, फिरोजाबाद-बाह, कचौराघाट-बाह, बटेश्वर-आगरा मार्ग। मथुरा में बछगांव-बाजना, मथुरा से नंदगांव, गाेमत, गोरई, शाहपुर एवं राजामंडी मार्ग।





जिन ग्रामीण रूटों पर डग्गेमार बसों का संचालन होता है, उन्हें चिन्हित किया जा रहा है। ट्रांसपोर्टरों से बात करके डग्गेमार बसों को अनुबंधित कराया जाएगा।
आलोक अग्रवाल, एआरटीओ प्रवर्तन

ग्रामीण बस सेवा का किराया सामान्य से 20 प्रतिशत कम है। वर्तमान में 15 रूटों पर ग्रामीण बस सेवा का संचालन शुरू किया गया है। अन्य रूटों पर भी बसों काे संचालित किया जाएगा।
बीपी अग्रवाल क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज
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