राज्य ब्यूरो, लखनऊ। यूपी नीट पीजी काउंसलिंग 2025 में एमडी-एमएस की लगभग 1,200 सीट खाली हैं। प्रवेश के लिए छात्रों की संख्या बढ़े, इसके लिए मेडिकल काउंसलिंग कमेटी दिल्ली अब कटआफ कम करने की तैयारी में है। तीसरे राउंड की काउंसलिंग स्थगित कर दी गई है। एमडी नान क्लीनिकल सीटों पर प्रवेश के लिए निजी मेडिकल कालेज शिक्षण शुल्क में लाखों रुपए कम कर चुके हैं। इसके बावजूद पीजी करने के लिए छात्र नहीं मिल रहे हैं।
स्थिति यह है कि सीतापुर का हिंद इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज एमडी बायोकेमेस्ट्री और एमडी माइक्रोबायोलाजी की सीट पर शून्य शिक्षण शुल्क में प्रवेश देने के लिए महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा को पत्र भेज चुका है।नीट पीजी की काउंसलिंग में एमडी-एमएस की 2,180 सरकारी और 2,765 निजी मेडिकल कालेजों की सीट पर प्रवेश होना था। दो राउंड की काउंसलिंग के बाद इनमें से लगभग निजी मेडिकल कालेजों की लगभग 1,200 सीटें अभी रिक्त हैं।
तीसरे राउंड की काउंसलिंग नहीं की शुरू
मेडिकल काउंसलिंग कमेटी ने आल इंडिया कोटे की सीटों को भरने के लिए तीसरे चक्र की काउंसलिंग शुरू नहीं की है।इसके चलते यूपी नीट पीजी की तीसरे चक्र की काउंसलिंग को भी स्थगित कर दिया गया है। जबकि दो जनवरी से तीसरे चक्र की काउंसलिंग के लिए पंजीकरण शुरू कर दिए गए थे। 12 जनवरी को आवंटित सीटों का परिणाम घोषित होना था।
चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय के एक अधिकारी के अनुसार मेडिकल काउंसलिंग कमेटी रिक्त सीटों की अधिक संख्या के कारण कटआफ कम करने का विचार कर रही है। वर्ष 2023-24 और वर्ष 2024-25 में भी सीटों भरने के लिए कटआफ कम किया गया था।वर्ष 2022-23 में सामान्य वर्ग का पर्सेंटाइल 50 से घटाकर 35 कर दिया गया था। वहीं वर्ष 2023 में कटआफ 50 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दिया गया था।
वर्ष 2024 में क्वालिफाइंग कटआफ को 15 पर्सेंटाइल से घटाकर पांच कर दिया गया था। इससे सामान्य, ईडब्लूएस, ओबीसी, एससी, एसटी के सभी अभ्यर्थी, जिनका पर्सेंटाइल पांच या उससे अधिक था, उन्हें काउंसलिंग में शामिल होने का मौका मिला गया था। |