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नंदकिशोर भारद्वाज, सोनीपत। शहर थाना गोहाना के एसएचओ अरुण कुमार व एएसआई संदीप को सस्पेंड कर दिया गया। तीन दिन पहले दोनों को लाइन हाजिर किया गया था, जिसके बाद आला अधिकारियों ने उन्हें निलंबित किया। बताया जा रहा है कि वीटा मार्का का नकली देसी घी पकड़ने के मामले में निष्पक्ष जांच न करने और सभी आरोपितों पर केस दर्ज न करने पर कड़ी कार्रवाई की गई।
निष्पक्ष कार्रवाई की जगह साठगांठ की शिकायतें मिलने पर अधिकारियों ने यह कदम उठाया। इस मामले में एसआइटी का गठन कर दिया गया है जो अब आगे की जांच करेगी। इसी मामले में अन्य पुलिस कर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध होने और उन पर केस दर्ज होने की चर्चा है लेकिन अधिकारियों ने पूरी तरह से चुप्पी साध ली है।
क्या है पूरा मामला?
10 दिसंबर, 2025 को शहर थाना गोहाना की पुलिस ने खंदराई मोड़ के निकट से जींद में गुरुद्वारा कॉलोनी के सुनील कुमार को नकली देसी घी के साथ गिरफ्तार किया था। वह अर्टिगा गाड़ी में जींद से घी के डिब्बे लेकर आया था।
पुलिस ने जींद स्थित वीटा मिल्क प्लांट में गुणवत्ता नियंत्रक सहायक प्रबंधक बादल को मौके पर बुलाकर पूछताछ की थी। गाड़ी से वीटा मार्का का 450 लीटर देसी घी बरामद किया था। घी को पैकेटों में भरकर वीटा का मार्का लगाया गया था, जो जांच में नकली मिला था। बाद में पुलिस ने फैक्ट्री मालिक जींद में राजेंद्र नगर के नंदकिशोर को गिरफ्तार किया।
इसी मामले में अधिकारियों को शिकायत मिली कि शहर थाना के एचएचओ अरुण और एएसआई संदीप सही जांच नहीं कर रहे हैं। शिकायत मिली कि नकली घी बनाने और सप्लाई करने में आगे जिन लोगों की संदिग्ध भूमिका थी उनसे साठ-गांठ की गई। मामले में भ्रष्टाचार के भी आरोप लगे। इस पर आला अधिकारियों ने तीन दिन पहले दोनों को लाइन हाजिर कर दिया था, जिनको बाद में निलंबित की कार्रवाई हुई।
डीसीपी ने दोनों के निलंबन की पुष्टि करते हुए बताया कि केस में आगे की जांच के लिए एसआइटी गठित की गई है, जिसमें गोहाना के एसीपी देवेंद्र, मोहाना थाना के एसएचओ मोहन सिंह, एसआइ जितेंद्र और साइबर सेल के एक सिपाही को शामिल किया गया है। अब पुलिस ने नकली घी के मामले में कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए तीसरे आरोपित जींद के श्याम नगर के आनंद को भी गिरफ्तार किया।
एफएसओ ने मांगे थे आरोपितों के नाम व पते
खाद्य सुरक्षा अधिकारी (एफएसओ) बीरेंद्र यादव ने भी पुलिस को पत्र लिखकर नकली देसी घी पकड़ने के मामले में आरोपितों के नाम और पते के बारे में जानकारी मांगी थी। आरोपितों को नोटिस जारी करने के साथ विभागीय स्तर पर जांच की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाना है, लेकिन थान प्रभारी रहे अरुण कुमार ने कोई जवाब नहीं दिया।
सोनीपत में भी पकड़े गए थे देसी घी के डिब्बे
पिछले साल नवंबर में गांव बड़वासनी के पास पुलिस ने बोलेरो पिकअप को रोककर उसमें भरे देसी घी के डिब्बों की जांच की थी। पिकअप जींद के पिल्लूखेड़ा से सोनीपत की ओर आ रही थी। चालक के पास देसी घी का बिल और वाहन के सभी कागजात मौजूद थे, लेकिन पुलिस को माल की गुणवत्ता को लेकर शक हुआ।
पुलिस ने मौके पर जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी बीरेंद्र यादव को बुलाया था। उन्होंने शुद्ध देसी घी नाम से भरे 500-500 ग्राम के डिब्बों के तीन सैंपल थे। उनको खाद्य सुरक्षा टीम ने जांच के लिए लैब भेजा था। |
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