गढ़वा जिले में करोड़ों रुपये की साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है।
संवाद सहयोगी, गढ़वा। गढ़वा जिले में करोड़ों रुपये की साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है। इस साइबर अपराध के तार देश के अन्य राज्यों, खासकर तमिलनाडु और दिल्ली से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।
ठगी की गई राशि में से लाखों रुपये गढ़वा जिले के विभिन्न ग्राहक सेवा केंद्र (सीएसपी) से नकद रूप में निकाले गए, जिसके बाद कई सीएसपी संचालकों के बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया।
सीएसपी संचालकों ने खुद को बताया निर्दोष
सीएसपी संचालकों का कहना है कि इस पूरे मामले में उनकी कोई भूमिका नहीं है। उनके अनुसार एक व्यक्ति नियमित रूप से उनके केंद्र पर आता था और नकद राशि की मांग करता था।
वह बारकोड स्कैन कराकर अलग-अलग खातों से पैसा ट्रांसफर कराता था, जिसके बाद उसे नकद राशि दे दी जाती थी। नकद भुगतान के अगले ही दिन साइबर सेल की ओर से उनके खातों पर होल्ड लगा दिया जाता था।
साइबर सेल की जांच में फ्रीज हुए खाते
सीएसपी संचालकों ने बताया कि बैंक से संपर्क करने पर उन्हें जानकारी दी गई कि जिन खातों से पैसा आया था, वे करोड़ों रुपये की साइबर ठगी से जुड़े हुए हैं। इसी कारण उनके खातों को फ्रीज कर दिया गया है।
इस कार्रवाई से न केवल सीएसपी संचालक बल्कि कुछ निर्दोष ग्राहकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा, जिनके खाते भी जांच के दायरे में आ गए।
एक साल से जारी थी संदिग्ध गतिविधि
करीब एक वर्ष से गढ़वा जिले के विभिन्न सीएसपी केंद्रों पर इस तरह की संदिग्ध गतिविधियां हो रही थीं। आरोपी व्यक्ति हर बार पहचान बदलकर या अलग-अलग समय पर आता था, जिससे वह पुलिस की पकड़ से बाहर रहा।
12 जनवरी को गढ़वा प्रखंड के फरटिया पंचायत स्थित सीधे मोड़ के एक सीएसपी केंद्र पर वह व्यक्ति दोबारा पहुंचा।
ग्रामीणों ने पकड़ा, पुलिस को सौंपा
इस बार सीएसपी संचालक ने आरोपी को पहचान लिया। इसके बाद ग्रामीणों की मदद से उसे पकड़ लिया गया और गढ़वा थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया।
थाना पहुंचे सीएसपी संचालक सिराज अंसारी, आरिफ अंसारी, रजब अली सहित अन्य लोगों ने पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।
पूछताछ में खुल सकता है पूरा नेटवर्क
सीएसपी संचालकों ने यह भी आरोप लगाया कि साइबर सेल की ओर से उन्हें धमकी भरे फोन कॉल आए, जबकि वे केवल अपने नियमित कार्यों का ही निर्वहन कर रहे थे।
फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के बाद साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों का खुलासा होने की संभावना है। |
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