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तीन फरवरी को जिरह पूरी करने का अदालत का बचाव पक्ष को निर्देश। सांकेतिक तस्वीर
विधि संवाददाता, वाराणसी। बीएचयू परिसर में आइआइटी छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के मुकदमे की मंगलवार को फास्टट्रैक कोर्ट (प्रथम) कुलदीप सिंह की कोर्ट में सुनवाई हुई। पीड़िता से आरोपित आनंद चौहान के वकील श्रीनाथ त्रिपाठी, संजीव चौबे व कुंदन सिंह ने जिरह की, जिसके पूरी न होने पर अदालत ने इसे जारी रखते हुए तीन फरवरी की तिथि मुकर्रर दी।
सुनवाई के दौरान पीड़िता ने अपने पढ़ाई और फरवरी माह में मिड सेमेस्टर के परीक्षा की बात कहते हुए जिरह की कार्रवाई को पूरा करने का मुद्दा उठाया। वहीं, बचाव पक्ष के वकील श्रीनाथ त्रिपाठी ने प्रदेश बार कौंसिल चुनाव में प्रत्याशी होने के कारण जनवरी में व्यस्त होने का हवाला देते जिरह के लिए अन्य तिथि मुकर्रर करने की अदालत से अपील की।
दोनों पक्षों की तर्कों को सुनने के बाद अदालत ने बचाव पक्ष के वकीलों से कहा कि तीन फरवरी को जिरह पूर्ण करें। उक्त तिथि पर जिरह पूर्ण नहीं की जाती, अथवा स्थगन प्रार्थना पत्र दिया जाता है तो किसी भी दशा व स्थिति में स्थगन प्रार्थना पत्र मान्य नहीं होगा। पीड़िता से वीडियो कांफ्रेंसिंग से बचाव पक्ष द्वारा उससे जिरह की कार्रवाई की जा रही है।
उधर आरोपित कुणाल पांडेय के वकील राजीव प्रताप सिंह की अपील पर अदालत ने पेनड्राइव में संकलित साक्ष्यों का अवलोकन करने के लिए 18 व 19 जनवरी की तिथि मुकर्रर की। राजीव प्रताप सिंह ने गत छह जनवरी को इस आशय का प्रार्थना पत्र दिया था कि घटना की विवेचना के दौरान लंका पुलिस ने बीएचयू परिसर में लगे कैमरों से वीडियो फुटेज संकलित किया है।
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अदालत ने पेनड्राइव का अवलोकन के लिए बचाव पक्ष के वकील को निर्देशित किया है कि वे नियत तिथि पर 10.30 बजे न्यायालय में उपस्थित हों। बीएचयू परिसर में दो नवंबर 2023 की रात में आइआइटी की छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई थी।
इस मुकदमे की विवेचना के दौरान लंका पुलिस ने बीएचयू परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में मिले साक्ष्यों को संकलित की थी और तीन युवकों कुणाल पांडेय,सक्षम पटेल और आनंद चौहान को गिरफ्तार किया था। |
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