अब लगभग एक सप्ताह तक दिन गुनगुना, सुबह-शाम रहेगी गलन। जागरण
जागरण संवाददाता, वाराणसी। पश्चिमी विक्षोभ गुजर गया। उत्तरी-पश्चिमी हवा भी कुछ मद्धिम पड़ी। पांच दिनों से खिल रही धूप मंगलवार को तापमान में हल्की गिरावट के बाद भी उष्णता का आभास कराती रही। मंगलवार को आनंददायक अनुभव कराया। लेकिन दोपहर ढलते ही सूर्योदय से कुछ पूर्व ही गलन ने अपने पांव पसारने आरंभ कर दिए थे।
मौसम विज्ञानियों का कहना है कि अब फिलहाल पांच-छह दिन तक पीछे कोई पश्चिमी विक्षोभ न होने से कोहरे व शीतलहर का दौर नहीं रहेगा। दिन में प्रखर धूप गुनगुना वातावरण बनाए रखेगी तो ठंडी पछुआ सुबह-शाम व रात में गलन भरी ठिठुरन का आभास कराती रहेगी।
पछुआ के कमजोर पड़ने से बीएचयू क्षेत्र में बीते 24 घंटे में 0.6 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान घटने के बाद भी प्रखर धूप के चलते यह सामान्य से 1.6 डिग्री सेल्सियस ऊपर रहा और 23.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। न्यूतनतम तापमान में भी 0.6 डिग्री सेल्सियस की कमी आई और यह सामान्य से 0.5 डिग्री सेल्सियस अधिक नौ डिग्री सेल्सियस रहा।
प्रदेश स्तर की बात करें तो बनारस अन्य सभी शहरों की अपेक्षा सबसे गर्म रहा, यानी यहां सबसे कम ठिठुरन रही। हालांकि बाबतपुर क्षेत्र में अधिकतम तापमान में 0.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई और वहां यह सामान्य से 0.8 डिग्री सेल्सियस अधिक 22.5 रहा। न्यूनतम तापमान में 1.8 डिग्री सेल्सियस की कमी आई और यह सामान्य से 1.5 डिग्री सेल्सियस नीचे सात डिग्री सेल्सियस रहा।
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बीएचयू के मौसम विज्ञानी प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ का कोल्ड फ्रंट भी कमजोर होकर जल्द ही गुजर गया। अब इधर कोई पश्चिमी विक्षोभ नहीं है।
पांच छह दिन बाद दो पश्चिमी विक्षोभ पहुंच सकते हैं, उनका वार्म फ्रंट मौसम को और अधिक उष्ण बनाएगा जबकि कोल्ड फ्रंट बहुत प्रभावी होने की फिलहाल स्थिति नहीं दिख रही है। इससे यह माना जाय कि फिलहाल एक सप्ताह तक तो किसी शीतलहर या कोहरे जैसी स्थिति नहीं बनने की संभावना है। |
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