नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में भारतीय युवा संसद के उद्घाटन अवसर पर दीप प्रज्वलित करतीं स्मृति इरानी के साथ आचार्य प्रदीप भैया।
जागरण संवाददाता, देवघर। Pradeep Bhaiya: प्रसिद्ध हनुमान कथा वाचक आचार्य प्रदीप भैया ने कहा है कि करियर निर्माण और लक्ष्य प्राप्ति के लिए निरंतर संघर्ष कर रहे आज के युवाओं के लिए स्वामी विवेकानंद के विचार पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हैं।
उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का प्रसिद्ध कथन-उठो, जागो और तब तक न रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए-युवाओं के लिए सफलता का मंत्र बन सकता है। यदि देश का युवा इसे जीवन सूत्र बनाए, तो व्यक्तिगत और राष्ट्रीय दोनों स्तरों पर प्रगति सुनिश्चित होगी।
राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में हंसराज कॉलेज द्वारा आयोजित राष्ट्रीय समागम “विकसित भारत का संकल्प और युवा” कार्यक्रम में देवघर निवासी प्रदीप भैया बतौर वक्ता संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज का भारतीय युवा अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ते हुए वैश्विक मंच पर देश का प्रतिनिधित्व कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में युवाओं की भूमिका को उन्होंने सबसे अहम कड़ी बताया।
डिजिटल युग की चुनौतियों पर चर्चा करते हुए उन्होंने युवाओं को तकनीक के प्रति सजग रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक को साधन के रूप में अपनाना चाहिए, लेकिन उन्हें अपने सोच और निर्णयों पर हावी नहीं होने देना चाहिए। तकनीक पर नियंत्रण ही सशक्त युवा और सशक्त राष्ट्र की पहचान है।
कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह, पूर्व शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ सहित कई शिक्षाविद और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
इसके अलावा, स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर नई दिल्ली स्थित तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित भारतीय युवा संसद में भी प्रदीप भैया ने सहभागिता की।
उन्होंने युवाओं से कहा कि करियर जीवन का एक हिस्सा है, सब कुछ नहीं। देश, समाज, धर्म और परिवार के प्रति भी समान रूप से जिम्मेदारी निभानी होगी। राष्ट्र मजबूत होगा, तभी नागरिक भी सशक्त बनेंगे।
Address the Bharatiya Youth Parliament at Talkatora Stadium, New Delhi, an initiative that strengthens democratic literacy and leadership among India’s youth.
Emphasised that a youth parliamentarian’s responsibility extends beyond youth-centric concerns. True leadership lies in… pic.twitter.com/jcWuouxv5T— Smriti Z Irani (@smritiirani) January 12, 2026
30 वर्ष पहले, 12 जनवरी 1996 को, डीयू छात्र संघ की अध्यक्ष के रूप में स्वामी विवेकानंद जी के विचारों पर बोलते हुए युवाओं में जो आत्मविश्वास और राष्ट्रभाव देखा था, वही ऊर्जा आज और अधिक परिपक्व संकल्प के साथ दिखाई दी।
हंसराज कॉलेज के ‘विकसित भारत का संकल्प और युवा’ कार्यक्रम में… pic.twitter.com/03z282xJkF— Rekha Gupta (@gupta_rekha) January 13, 2026 |