बीएमसी चुनाव में पीएडीयू के इस्तेमाल पर घमासान
राज्य ब्यूरो, मुंबई। मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव में मतदान केंद्रों पर पहली बार प्रिंटिंग ऑक्सिलरी डिस्प्ले यूनिट (पीएडीयू) मशीनें लगाई जा रही हैं।
ये मशीनें मतगणना प्रक्रिया के दौरान किसी भी तकनीकी समस्या की स्थिति में बैकअप उपलब्ध कराने का काम करेंगी। लेकिन आम आदमी पार्टी एवं महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) जैसे कुछ दल इन मशीनों के उपयोग पर ऐतराज जता रहा है।
बीएमसी को इस प्रकार की पाडू मशीनों की 140 इकाइयां प्राप्त हुई हैं, जिन्हें भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) द्वारा बेंगलुरु में विकसित किया गया है। बीएमसी आयुक्त एवं प्रशासक भूषण गगरानी का दावा है कि ये मशीनें बैकअप के तौर पर काम कर रही हैं।
पीएडीयू मशीनॉन के इस्तेमाल पर घमासान
किसी भी आपातकालीन स्थिति या मतदान इकाइयों को नियंत्रण इकाई से जोड़ने में तकनीकी खराबी आने पर पीएडीयू का उपयोग बैकअप इकाई के रूप में किया जाएगा।
लेकिन आम आदमी पार्टी (आप) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने महाराष्ट्र के राज्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर पीएडीयू के उपयोग पर आपत्ति जताई है।
आप और मनसे ने आपत्ति जताई
आम आदमी पार्टी की मुंबई अध्यक्ष प्रीति शर्मा मेनन का कहना है कि राज्य चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों या आदेशों के तहत पीएडीयू को किसी भी प्रकार की कोई मंजूरी नहीं है।
यह एक और चोरी से वोट हासिल करने का प्रयास है। हमें बताया गया है कि ईवीएम की डिस्प्ले यूनिट खराब होने की स्थिति में एक नई मशीन का उपयोग किया जाएगा। यह मशीन तब परिणाम प्रदर्शित करेगी।
प्रीति का कहना है कि ईवीएम मशीनों में राज्य चुनाव आयोग द्वारा अनिवार्य किए गए सख्त जांच प्रोटोकॉल हैं, जिनमें पार्टी प्रतिनिधि भी भाग लेते हैं। लेकिन इन पीएडीयू मशीनों के लिए ऐसा कोई प्रोटोकॉल नहीं है।
ऐसे में हम कैसे सुनिश्चित हो सकते हैं कि ये पीएडीयू मशीनें वास्तविक परिणाम दिखा रही हैं और उनमें कोई छेड़छाड़ नहीं हो रही है?
वोट चोरी और चुनाव निष्पक्षता पर सवाल
ईवीएम के डिस्प्ले यूनिट में खराबी की संभावना भले ही कम हो, लेकिन हम यह बताना चाहेंगे कि पीएडीयू का उपयोग राज्य चुनाव आयोग की अनुमति के बिना किया जा रहा है। यह विचित्र है!
एसईसी को इन मशीनों का उपयोग तत्काल प्रभाव से बंद कर देना चाहिए। यदि ईवीएम में खराबी आती है, तो चुनाव रद्द हो जाता है।
आम आदमी पार्टी के कार्यकारी मुंबई अध्यक्ष रुबेन मस्करेन्हास ने चुनाव आयोग से आग्रह किया है कि वह बीएमसी आयुक्त को आदेश दे कि वे पीएडीयू जैसी किसी भी मशीन का उपयोग न करें।
रुबेन का कहना है कि निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कराना एसईसी का संवैधानिक दायित्व है और एसईसी को अपने संवैधानिक दायित्व का पालन करना चाहिए।
इसी प्रकार मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने भी बिना राजनीतिक दलों के सामने इस मशीन का ट्रायल प्रदर्शन किए बीएमसी चुनाव में इसका उपयोग किए जाने पर आपत्ति जताई है।
राज ठाकरे ने इन मशीनों की विश्वसनीयता पर संदेह जताते हुए पूछा कि ईवीएम के साथ यह कौन सी नई मशीन जोड़ी जा रही है? उन्होंने इसे मतचोरी की संभावना से जोड़ते हुए कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने को कहा है। |
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