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बिहार सरकार का ऐतिहासिक फैसला, 45 दिनों में रद होगी सरकारी जमीन की अवैध जमाबंदी

LHC0088 2026-1-15 04:55:45 views 1250
  

सांकेतिक तस्वीर



जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। राज्य में सरकारी जमीन को बचाने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। पूर्व में जिस सरकारी जमीन की जमीन जमाबंदी कायम कर दी गई है उसे एक-एक कर रद किया जाएगा। इस कार्रवाई को अब समय सीमा में बांध दिया गया है।

जिले के अपर समाहर्ता सरकारी जमीन के अवैध हस्तांतकरण की शिकायत या आवेदन प्राप्त करने या स्वतः संज्ञान में आए मामलों का 45 दिनों में निष्पादन करेंगे। इस संबंध में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव (एसीएस) सीके अनिल ने निर्देश जारी किया है।

सभी प्रमंडलीय आयुक्त, समाहर्ता एवं अपर समाहर्ता को बुधवार को भेज गए पत्र में लिखा है कि पूर्व में मुख्य सचिव ने निर्देश जारी कर सरकारी भूमि के अवैध हस्तांतरण पर रोक लगाई है।

इस अभियान की दूसरी कड़ी में सरकारी भूमि के पूर्व में निर्गत गलत, संदिग्ध या अवैध जमाबंदी को रद करने की जिम्मेदारी अपर समाहर्ता में निहित है। वे वाद प्रारंभ कर 45 दिनों की प्रक्रिया में ऐसी जमाबंदी को रद करेंगे। वहीं वर्ष 1974 के बाद की गई इस तरह की जमाबंदी के लिए जिम्मेदारी संबंधित अंचलाधिकार पर कार्रवाई होगी।

सभी समाहर्ता को सतत निगरानी की जिम्मेदारी सभी समाहर्ता को इस अभियान की सतत निगरानी जिम्मेदारी दी गई है, ताकि केडस्ट्रल और रिवीजनल सर्वे में दर्ज सरकारी भूमि की वापसी सरकार या संबंधित विभाग के खाते में हो सके। साथ ही अंचल स्तर पर भूमि बैंक का भी सृजन हो सके।
इन जमीनों पर लेंगे निर्णय

  • गैर मजरूआ आम व कैसरे हिंद
  • खासमहाल में दर्ज हो एवं पूर्व में सरकार द्वारा विधि सम्मत बंदोबस्ती या पट्टा निर्गत नहीं किया गया हो।
  • भूमि का पूर्व में जिला परिषद, नगर परिषद, नगर निगम, ग्राम पंचायत आदि का होने का दस्तावेज या अभिलेख हो
  • भूमि राज्य सरकार के किसी भी विभाग, बोर्ड अथवा निगम यथा बियाडा से संबंधित हो
  • भूमि भारत सरकार के किसी मंत्रालय, संस्थान से संबंधित हो
  • भूमि धार्मिक न्यास पर्षद, वक्फ बोर्ड, सरकारी या अर्द्धसरकारी मान्यता प्राप्त गोशाला आदि से संबंधित हो

इस तरह होगी प्रक्रिया

  • संतुष्टि के बाद वाद प्रारंभकरना-आवेदन के तीन कार्य दिवस के अंदर
  • विधि सम्मत सूचना निर्गत -सात कार्य दिवस के अंदर
  • सूचना का तामिला - सात कार्य दिवस के अंदर
  • वाद की सुनवाई (तीन)-15 कार्य दिवस के अंदर
  • सुनवाई के बाद लिखित में वक्तव्य - सात कार्य दिवस के अंदर
  • आदेश पारित कर आरसीएमएस पोर्टल पर अपलोड करना सात कार्य दिवस के अंदर
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