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हापुड़ में कुत्तों के आतंक से मिलेगी मुक्ति, नसबंदी के लिए 16.50 लाख का टेंडर जारी

deltin33 2026-1-15 14:56:48 views 918
  

हापुड़ के लोगों को कुत्तों के आतंक से मिलेगी मुक्ति। जागरण



जागरण संवाददाता, हापुड़। हापुड़ में नगर पालिका द्वारा शहरी क्षेत्र के विभिन्न गली मोहल्लों से करीब एक हजार कुत्तों को पकड़वाया जाएगा। जिसके बाद उनकी नसबंदी कराई जाएगी। इसके लिए नगर पालिका के अधिकारियों ने 16.50 लाख रुपये का टेंडर जारी किया है। यह धनराशि कुत्तों को पकड़कर उनकी नसबंदी (बंध्याकरण) करने के बाद उनका टीकाकरण कराने के अलावा उन्हें वापस उसी स्थान पर वापस छोड़ने में खर्च की जाएगी। इससे नगर के लोगों की एक बड़ी समस्या का समाधान हो सकेगा।

नगर में कुत्तों का आतंक भीषड़ गर्मी के साथ-साथ सर्दियों में भी कम नहीं हो रहा है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि केवल जिला अस्पताल और नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिदिन सैंकड़ों की संख्या में लोगों को एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाया जाता है। ऐसे में लोगों को शारीरिक नुकसान होने के साथ-साथ आर्थिक व मानसिक रूप से भी नुकसान होता है।

वहीं, प्रतिदिन किसी ना किसी मोहल्ले के लोग नगर पालिका के अधिकारियों से कुत्तों को पकड़वाने के संबंध में ज्ञापन सौंपते रहते हैं। वहीं सभासद भी इसको लेकर नगर पालिका के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हैं।
लगातार शिकायतों के बाद नगर पालिका के अधिकारियों ने पूर्व में कुत्तों को पकड़ने के लिए टेंडर निकाला था, लेकिन भुगतान में परेशानी के कारण टेंडर लेने में किसी ने रुचि नहीं दिखाई थी। अब इस बार फिर से कुत्तों के बंध्याकरण को लेकर नगर पालिका द्वारा टेंडर निकाला गया है।

इसके लिए पालिका द्वारा संबंधित फर्म को अपने वाहन भी उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही एक कुत्ते को पकड़कर उसके बंध्याकरण पर 1650 रुपये खर्च किए जाएंगे। बंध्याकरण करने के लिए एक अस्थाई अस्पताल भी बनाया जाएगा। वहीं पर ही उनका बंध्याकरण किया जाएगा।
कुत्ते रखने की नपा पर नहीं कोई व्यवस्था

जिले के प्रत्येक सार्वजनिक स्थानों पर बड़ी संख्या में लावारिस कुत्ते हैं। इन सार्वजनि स्थानों में शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल, सार्वजनिक खेल परिसर, बस स्टैंड और मुख्य मार्ग शामिल हैं। इन स्थानों पर ये कुत्ते अचानक हमला कर देते हैं। इन सार्वजनिक स्थानों से लावारिस कुत्तों को हटाकर रखने और उनके टीकाकरण के लिए पालिक के पस अपना कोई न तो कोई स्थान हैं और न ही कोई अन्य व्यवस्था है। वहीं दूसरी ओर इन्हें रखने के लिए नगर पालिका के पास कोई आश्रय स्थल नहीं है।

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कुत्तों का बंध्याकरण कराने के लिए टेंडर निकाल दिया गया है। शहर के विभिन्न स्थानों से एक हजार कुत्तों को पकड़वाकर उनकी नसबंदी कराई जाएगी। जल्द ही यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। जिसके तत्काल बाद अभियान शुरू करा दिया जाएगा। - संजय कुमार मिश्रा, ईओ, नगर पालिका, हापुड़
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