आवासीय कालोनी के प्लाट में दफना दिया शव, विरोध पर पुलिस ने खोदवाई कब्र
संवाद सूत्र, जागरण. नांगल सोती (बिजनौर): आवासीय कालोनी के प्लाट में शव दफनाने को लेकर गुरुवार को दिनभर हंगामे की स्थिति रही। वृद्ध की मौत होने पर स्वजन कालोनी में आए और मृतक के नाम पर दर्ज प्लाट में शव को दफना दिया। मुहल्ले वासियों के विरोध और हिंदू संगठनों की शिकायत पर पुलिस ने स्वजन को बुलाया। बाद में शाम के समय शव को कब्र खोदकर निकाला गया और कब्रिस्तान में सिपुर्द-ए-खाक किया गया।
ग्राम तीसोतरा निवासी 70 वर्षीय शफीक उर्फ गफूर की बुधवार रात मृत्यु हो गई थी। गुरुवार दोपहर स्वजन कामराजपुर स्थित आवासीय कालोनी में पहुंचे और यहां शफीक के नाम पर दर्ज एक प्लाट में उनका शव दफना दिया। इसकी जानकारी मिलने पर मुहल्ले वासियों ने विरोध जताया। विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, भाजपा सहित अन्य हिंदू संगठन के लोग भी मौके पर पहुंच गए। थाना प्रभारी पवन कुमार ने मृतक के स्वजन को बुलाया। मृतक के पुत्र फहीम ने बताया कि उनके पिता की अंतिम इच्छा थी कि उन्हें उनके ही नाम पर दर्ज प्लाट में दफनाया जाए। इसी कारण उन्होंने ऐसा किया। उधर, विश्व हिंदू परिषद के प्रांत सहमंत्री जितेंद्र चौधरी ने कहा कि शव को केवल कब्रिस्तान में ही दफनाया जा सकता है। किसी भी आवासीय क्षेत्र या अन्य स्थान पर बिना प्रशासनिक अनुमति शव दफनाना नियमों के विरुद्ध है। जिला गोरक्षा प्रमुख विहिप सिंधुराज, भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष वीरेंद्र शर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी प्रकरण में कार्रवाई मांग की। बिना प्रशासनिक अनुमति के आवासीय कालोनी में शव दफनाने पर पुलिस ने कब्र को वहां से हटाने के निर्देश दिए। इसके बाद स्वजन ने कब्र को खोला और शव को निकालकर ग्राम तीसोतरा स्थित कब्रिस्तान में दफना दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि प्रकरण की शिकायत मिली थी। समझाने पर मृतक के स्वजन शव को वहां से तिसोतरा ले गए और कब्रिस्तान में दफना दिया। कामराजपुर स्थित आवासीय कालोनी में शफीक ने कुछ समय पहले प्लाट लिया था। स्वजन के अनुसार पिता की इच्छा अनुसार कब्र पर मजार बनाना चाहते थे। |
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