अभिषेक सिंह, गाजियाबाद। फार्मर रजिस्ट्री कराने में प्रदेश में पहले नंबर पर बस्ती और दूसरे नंबर पर अब गाजियाबाद आ गया है। अब तक पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे जिले के 41,489 किसानों में से 33,334 किसानों की जमीन को उनके आधार कार्ड से लिंक कर फार्मर रजिस्ट्री का कार्य पूरा कर लिया गया है।
लगभग 80 प्रतिशत किसानों की फार्मर रजिस्ट्री का कार्य पूरा हो गया है। भविष्य में सिर्फ उन किसानों को ही पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ मिलेगा, जिनकी फार्मर रजिस्ट्री हुई होगी। यदि किसी किसान ने फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराई है तो उसे पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिलेगा।
फार्मर रजिस्ट्री के लिए किसान अपना आधार कार्ड, आधार कार्ड से लिंक चालू मोबाइल नंबर, खतौनी की छायाप्रति के साथ अपने लेखपाल से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा किसान कृषि विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारी से संपर्क कर, तहसील जाकर या नजदीकी जनसेवा केंद्र जाकर फार्मर रजिस्ट्री का कार्य करवा सकते हैं।
प्रत्येक तहसील में फार्मर रजिस्ट्री के लिए पटल बनाया गया है, जिससे कि किसानों को परेशानी का सामना न करना पड़े। कृषि विभाग का लक्ष्य है कि इस माह के अंत तक जिले में सौ प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री का कार्य पूरा कर लिया जाए, इसके लिए लगातार किसानों से संपर्क किया जा रहा है।
फार्मर रजिस्ट्री के लाभ
- फार्मर रजिस्ट्री के तहत अपनी जमीन का रिकार्ड आधार कार्ड से लिंक कराने पर किसान को खसरा व खतौनी की छायाप्रति को प्राप्त करने के लिए तहसीलों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
- किसान भविष्य में अपने आधार कार्ड नंबर की मदद से ही नजदीकी जनसेवा केंद्र जाकर या फिर स्वयं भी ऑनलाइन माध्यम से खसरा व खतौनी की छायाप्रति प्राप्त कर सकेंगे, इससे उनको समय की बचत होगी।
- इसके अलावा जमीन के सत्यापित रिकॉर्ड के आधार पर किसान को बैंक से आसानी से लोन भी मिल सकेगा।
फार्मर रजिस्ट्री में पिछले माह प्रदेश में गाजियाबाद तीसरे स्थान पर था, अब दूसरे स्थान पर आ गया है। तीसरे नंबर पर अब रामपुर है। इस माह के अंत तक सौ प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया जाएगा, जिससे कि जिला पहले स्थान पर आ जाए।
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- राम जतन मिश्र , उप कृषि निदेशक |