आप में भी तो नहीं हैं ये 4 बुरी आदतें? (Picture Courtesy: Freepik)
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और मॉडर्न लाइफस्टाइल ने हमारी सुख-सुविधाओं में तो इजाफा किया है, लेकिन हमारे स्वास्थ्य, खासकर दिल की सेहत पर गहरा नकारात्मक प्रभाव डाला है। आज दिल की बीमारियां (Heart Disease) दुनिया भर में मौत के प्रमुख कारणों में से एक बन चुकी हैं।
लेकिन अच्छी खबर यह है कि दिल की बीमारियां काफी हद तक लाइफस्टाइल से जुड़ी होती हैं, यानी हम अपनी आदतों में सुधार करके अपने दिल को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकते हैं। कार्डियोवैस्कुलर सर्जन डॉ. जेरेमी लंडन, बताते हैं कि दिल की बीमारियों से बचने के लिए वे 4 आदतों (Harmful Habits for Heart) से परहेज करते हैं। ये वहीं आदतें हैं, जो दिल को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती हैं। आइए जानें कार्डियोवैस्कुलर डिजीज से बचने के लिए किन आदतों से परहेज करना चाहिए।
धूम्रपान करना
स्मोकिंग केवल फेफड़ों को ही नहीं, बल्कि आपके दिल को भी बुरी तरह प्रभावित करता है। सिगरेट के धुएं में मौजूद निकोटीन और कार्बन मोनोऑक्साइड ब्लड में ऑक्सीजन की मात्रा को कम कर देते हैं और ब्लड वेसल्स की दीवारों को नुकसान पहुंचाते हैं। साथ ही, यह आर्टरीज में \“प्लाक\“ जमने की प्रक्रिया को तेज करता है, जिससे एथेरोस्क्लेरोसिस और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि, धूम्रपान छोड़ना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन मेडिकल हेल्प लेकर आप इसी बुरी आदत से छुटकारा पा सकते हैं। View this post on Instagram
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प्रोसेस्ड और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स खाना
बाजार में मिलने वाले पैकेट बंद चिप्स, मीठे ड्रिंक्स, फ्रोजन मील्स और फास्ट फूड \“अल्ट्रा-प्रोसेस्ड\“ की श्रेणी में आते हैं। इनमें सोडियम, अनहेल्दी फैट्स और एडेड शुगर की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। बहुत ज्यादा नमक ब्लड प्रेशर को बढ़ाता है, जबकि ट्रांस फैट खराब कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाकर आर्टरीज को ब्लॉक कर सकता है। इसलिए अपनी डाइट में साबुत अनाज, ताजे फल, सब्जियां और नट्स शामिल करें। घर का बना ताजा खाना दिल के लिए सबसे बेहतरीन है।
शराब पीना
अक्सर लोग मानते हैं कि सीमित मात्रा में शराब हानिकारक नहीं है, लेकिन दिल के मामले में एक पैग भी जोखिम भरा खेल है। शराब का दिल की मांसपेशियों को कमजोर कर सकता है। इससे हाई ब्लड प्रेशर, अनियमित दिल की धड़कन और ट्राइग्लिसराइड्स के लेवल में बढ़ोतरी हो सकती है। इसके कारण वजन भी बढ़ने लगता है, जो दिल पर दबाव डालता है।
सेडेंटरी लाइफस्टाइल
घंटों तक कुर्सी पर बैठे रहना या एक्सरसाइज न करना साइलेंट किलर माना जाता है। जब हम एक्टिव नहीं रहते, तो हमारे शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है। इसके कारण मोटापा, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ जाता है, ये तीनों ही दिल की बीमारियों के रिस्क फैक्टर हैं। इसलिए कोशिश करें कि हर दिन कम से कम 30 मिनट की पैदल चाल, योग या एक्सरसाइज करें। लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल करें और काम के बीच-बीच में स्ट्रेचिंग करते रहें।
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