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बिहार में विकास कार्यों की बाधा दूर करने को नई व्यवस्था, भू-अर्जन सत्यापन में अब वन विभाग होगा शामिल

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Forest land clearance India: केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के पत्र के बाद सक्रिय हुआ विभाग। फाइल फोटो  



जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Land acquisition policy:राज्य में विकास योजनाओं और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही बड़ी बाधाओं को दूर करने के लिए सरकार ने नई व्यवस्था लागू की है। अब किसी भी योजना या परियोजना के लिए भू-अर्जन के दौरान भूमि सत्यापन में वन विभाग की अनिवार्य भागीदारी होगी।  

इससे बाद में जमीन के फॉरेस्ट लैंड निकलने पर उत्पन्न होने वाली अड़चनों से बचा जा सकेगा। इस संबंध में भू-अर्जन निदेशक कमलेश कुमार सिंह ने राज्य के सभी जिलों के समाहर्ताओं को निर्देश जारी किया है। निर्देश में कहा गया है कि भूमि सत्यापन के समय संबंधित अंचल और राजस्व कर्मियों के साथ वन विभाग के पदाधिकारी को भी शामिल किया जाए।

दरअसल, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), रेलवे और अन्य बड़ी परियोजनाओं के लिए बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण किया जाता है। कई मामलों में अधिग्रहण के बाद यह सामने आता है कि संबंधित जमीन फॉरेस्ट लैंड है। इससे परियोजनाएं अटक जाती हैं और वर्षों तक काम शुरू नहीं हो पाता।

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के पत्र के बाद राज्य का योजना एवं विकास विभाग इस मुद्दे पर सक्रिय हुआ। विभाग ने भू-अर्जन की प्रक्रिया के दौरान संयुक्त सत्यापन में वन विभाग को शामिल करने का आग्रह किया था।

इसके बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने औपचारिक निर्देश जारी कर दिया है।निर्देश के अनुसार, संयुक्त जांच के दौरान यदि जमीन के वन भूमि होने की जानकारी मिल जाती है, तो परिवेश पोर्टल के माध्यम से स्थानांतरण और अनुमति की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जा सकेगी। इससे परियोजनाओं पर अनावश्यक ब्रेक नहीं लगेगा और विकास कार्य समय पर पूरे हो सकेंगे।  
सिक्स लेन सड़क 800 पेड़ों के कारण अटकी

मुजफ्फरपुर में चांदनी चौक–बखरी सिक्स लेन सड़क परियोजना वन विभाग की एनओसी नहीं मिलने के कारण अटकी हुई है। करीब 89 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस सड़क के रास्ते में 800 पेड़ आ रहे हैं। वन विभाग ने अब तक पेड़ों को हटाने या शिफ्ट करने की अनुमति नहीं दी है।

पथ निर्माण विभाग दो महीने पहले प्रस्ताव भेज चुका है। यह सड़क दरभंगा जाने का प्रमुख मार्ग है और सिक्स लेन बनने से जाम की गंभीर समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।  
बगहा में सड़क योजना ठप

बिहार और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाली मदनपुर–पनियहवा सड़क भी वर्षों से अधर में लटकी हुई है। करीब आठ किलोमीटर लंबी इस सड़क का लगभग पांच किलोमीटर हिस्सा वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) क्षेत्र में आता है।

वीटीआर प्रशासन की ओर से अब तक एनओसी नहीं दिए जाने के कारण सड़क निर्माण शुरू नहीं हो सका है। वन विभाग का तर्क है कि यह मार्ग घने जंगल से गुजरता है, जिससे वन्यजीवों को खतरा हो सकता है।
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