जागरण संवाददाता, कानपुर। इस्पात नगर में केडीए 37 करोड़ रुपये से विकास कार्य कराने जा रहा है। इसके लिए 37 करो़ड़ रुपये के टेंडर हो चुके है। 28 जनवरी को टेंडर खोले जाएगे। मार्च में विकास कार्य शुरू हो जाएगे। वहीं नगर निगम इस्पात नगर योजना में आठ सौ लाइट लगाने जा रहा है। इसके लिए 2.86 करोड़ रुपये की कार्ययोजना बनाकर शासन को भेजी है।
केडीए ने वर्ष 1978 में इस्पात नगर योजना बसायी थी। यहां पर करीब 24 सौ भूखंड है। पहले योजना औद्यौगिक थी लेकिन बाद में व्यावसायिक और आवासीय कर दी गयी। भू उपयोग औद्योगिक न होने की वजह से 24 सौ भूखंड में चार सौ उद्योग स्थापित हो चुके हैं। नई बिल्डिंग बाइलाज 2025 आने से लोगों को राहत मिली । इसके आधार पर केडीए ने दो दिसंबर 2025 को इस्पात नगर की व्यावसायिक भूमि को औद्योगिक भूमि में परिवर्तित करने कि सहमति प्रदान की।
इस्पात नगर में अधूरे विकास कार्य को लेकर फीटा के महामंत्री उमंग अग्रवाल, इस्पात नगर उद्योग व्यापार संघ महामंत्री प्रदीप केडिया ने केडीए उपाध्यक्ष मदन सिंह गर्ब्याल से मिले थे। इसके बाद केडीए 37 करोड़ रुपये से मुख्य सड़कों पर नाली निर्माण व सीसी सड़क निर्माण, सुंदरीकरण का कार्य कराएगा। 28 जनवरी को टेंडर खोले जाएगे। इसके बाद अनुबंध व वर्कआर्डर की प्रक्रिया होने के बाद मार्च में कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
वहीं नगर निगम के मार्ग प्रकाश विभाग के मुख्य अभियंता आरके पाल ने बताया कि 2.86 करोड़ रुपये से आठ सौ लाइटें लगाने का प्रस्ताव तैयार किया है। धन की स्वीकृति के लिए नगर विकास विभाग को प्रस्ताव भेज दिया है। धन जारी होते ही खंभे व लाइट लगाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
इधर, सफाई व्यवस्था निजी हाथों में सौंपने का कर्मचारियों ने किया विरोध
सफाई व्यवस्था निजी हाथों में सौंपने का नगर निगम कर्मचारियों ने विरोध शुरू कर दिया है। इसके तहत संयुक्त वाहन चालक,कर्मचारी संघ संबद्ध भारतीय मजदूर संघ द्वारा शुक्रवार को तुलसी उपवन मोतीझील में आम सभा करके विरोध जताया। साफ कहा कि किसी भी हाल में लागू नहीं होने दिया जाएगा। आउटसोर्सिंग व संविदा में तैनात कर्मचारियों को स्थायी किया जाए और नयी भर्ती की जाए। संध के प्रदेश अध्यक्ष विनोद कुमार ने बताया कि महापौर प्रमिला पांडेय से मिलकर कर्मचारी शनिवार को ज्ञापन देंगे। इस अवसर प महामंत्री अखिलेश सिंह, राजेंद्र कुमारस मनोज कुमार, रमेश कुमार, दिलीप गुप्ता,प्रकाश आदि कर्मचारी रहे। |
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