रक्षा क्षेत्र में बड़ी छलांग: 114 राफेल खरीद को डीपीबी की हरी झंडी (फाइल फोटो)
आइएएनएस, नई दिल्ली। देश की वायु रक्षा क्षमताओं को सुदृढ़ करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए रक्षा खरीद बोर्ड (डीपीबी) ने फ्रांसीसी कंपनी डसॉल्ट से 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
रक्षा सूत्रों के अनुसार अब यह प्रस्ताव रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) के समक्ष रखा जाएगा, जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति से अंतिम स्वीकृति मिलने की उम्मीद है।
भारतीय वायु सेना ने पिछले वर्ष रक्षा मंत्रालय को 114 राफेल विमानों की आवश्यकता संबंधी औपचारिक प्रस्ताव सौंपा था। सूत्रों का कहना है कि भारत और फ्रांस के बीच इस सौदे पर अगले महीने तक अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। यह सौदा अंतर-सरकारी समझौते (जी-टू-जी) के तहत होगा, जिससे बिना किसी बिचौलिए के सीधी खरीद और पारदर्शी डिलीवरी सुनिश्चित होगी।
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष अप्रैल में भारत ने नौसेना के लिए 63 हजार करोड़ रुपये की लागत से 26 राफेल-मरीन लड़ाकू विमानों की खरीद का समझौता किया था। इसमें 22 ¨सगल-सीटर और चार ट्विन-सीटर ट्रेनर विमान शामिल हैं, जिनकी आपूर्ति 2031 तक पूरी होने की संभावना है।
सेना ने अग्निशमन रोबोट खरीद का किया समझौता
आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए भारतीय सेना ने \“इनोवेशन फार डिफेंस एक्सीलेंस\“ (आइडेक्स) के तहत एक महत्वपूर्ण खरीद समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। सेना ने बीते मंगलवार को स्वदेशी एम्प्रेसा प्रा. लि. के साथ अग्निशमन रोबोट की खरीद का करार किया। यह करार भारतीय सेना के कैपेबिलिटी डेवलपमेंट निदेशालय में संपन्न हुआ।
यह रोबोट मूल रूप से भारतीय नौसेना के लिए आइडेक्स ढांचे के तहत विकसित किया गया था, लेकिन सिंगल स्टेज कंपोजिट ट्रायल के प्रविधान का उपयोग करते हुए सेना ने पहली बार किसी सहयोगी सेवा के लिए विकसित उत्पाद की सीधी खरीद की है।
अग्निशमन रोबोट एक ठोस और बहुउपयोगी मानव रहित ग्राउंड व्हीकल है, जो आग जैसी खतरनाक परिस्थितियों में सुरक्षित दूरी से कार्य कर सकता है। इससे आपात स्थितियों में अग्निशमन कार्य के दौरान जवानों की सुरक्षा में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। |
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