हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट का शिमला स्थित परिसर। जागरण आर्काइव
विधि संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने लैब असिस्टेंट परीक्षा में धोखाधड़ी करने के आरोपित को अग्रिम जमानत पर रिहा करने से इन्कार कर दिया है। न्यायाधीश राकेश कैंथला ने जमानत याचिका को खारिज करते हुए कहा कि मामले में जांच जारी है और याचिकाकर्ता को गिरफ्तारी से पहले जमानत पर रिहा करने से निष्पक्ष जांच में बाधा आएगी। इसलिए याचिकाकर्ता को जमानत पर रिहा नहीं किया जा सकता।
याचिकाकर्ता के खिलाफ 18 मई 2025 को पुलिस थाना न्यू शिमला में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318(4) और 319(2) के तहत दंडनीय अपराधों के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
आधार कार्ड व एडमिट कार्ड में अलग थीं तस्वीरें
प्राथमिकी में कहा गया है कि एक अभ्यर्थी डीएवी पब्लिक स्कूल सेक्टर-चार न्यू शिमला में लैब असिस्टेंट परीक्षा में शामिल हुआ था। आधार कार्ड और एडमिट कार्ड पर तस्वीरें अलग-अलग थीं और हस्ताक्षर भी मेल नहीं खा रहे थे।
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अपनी जगह भेज दिया था और शख्स को परीक्षा देने
मामले की सूचना पुलिस को दी और याचिकाकर्ता की जगह परीक्षा देने वाले एक व्यक्ति को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। याचिकाकर्ता 18 मई 2025 को परीक्षा केंद्र पर मौजूद नहीं था। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखी तो पाया कि परीक्षा में याचिकाकर्ता की जगह एक अन्य व्यक्ति आया था।
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद याचिकाकर्ता फरार हो गया था और अब अग्रिम जमानत के लिए हाई कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी।
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