नई दिल्ली। सोचिए कि आप रास्ते से कहीं जा रहे हैं। तभी आप को विशाल चिमनियां और ऊंचे-ऊंचे ढांचे दिखाई देते हैं। आपको पता नहीं होता है ये क्या है? तभी वहां से गुजरने वाला एक राहगीर आपको बताता है कि अरे भाई ये अल्ट्राटेक का प्लांट है। जो यहां से 3 किलोमीटर दूर है, पर इतना बड़ा होने की वजह से दिखने लगता है। यही पहचान है भारत के सीमेंट किंग की। इस कहानी के नायक कोई और नहीं बल्कि कुमार मंगलम बिड़ला हैं। वह शख्स जिसने सीमेंट को सिर्फ निर्माण की सामग्री नहीं, बल्कि भारत की तरक्की की रीढ़ बना दिया। हम आपको यहां भारत की सबसे बड़ी सीमेंट कंपनी और उसके मालिक के बारे में बता रहे हैं। यह कंपनी भारत में मार्केट कैप के लिहाज से सबसे बड़ी कंपनी है।
कैसे बढ़ता गया अल्ट्राटेक सीमेंट?
इस सफर की शुरुआत साल 1980 से हुई थी। ऐसा बीज, जो अब जंगल बन गया है! ग्रासिम के लिए विक्रम सीमेंट और इंडियन रेयान के लिए राजश्री सीमेंट को कुछ ही प्लांट, सीमित क्षमता के साथ बनाया गया, तब शायद ही किसी ने सोचा होगा कि यह एक दिन दुनिया के सबसे बड़े सीमेंट साम्राज्य में बदल जाएगा।
1998 में सीमेंट कारोबार का विलय हुआ और क्षमता पहुंची 8.5 मिलियन टन पहुंच गई। वहीं 2003 में 14 मिलियन टन और 2004 में एलएंडटी के सीमेंट कारोबार का अधिग्रहण और UltraTech Cement का जन्म हुआ।
यहीं से कहानी ने रफ्तार पकड़ती है। आज इसके कारखाने आसमान से बात करते हैं! जिसके बाद ग्रीनफील्ड, ब्राउनफील्ड, डिबॉटलनेकिंग ये शब्द फाइलों में नहीं, जमीन पर उतरते गए। कंपनी की क्षमता 2008 तक 50 मिलियन टन तक पहुंच गई। साल 2017 में जयप्रकाश ग्रुप (JP Associates) के 93 मिलियन टन की क्षमता वाले प्लांट का अधिग्रहण हुआ।
जब दुनिया में अल्ट्राटेक हुई अव्वल
साल 2019 में 116 मिलियन टनसेंचुरी टेक्सटाइल्स का विलय हुआ। फिर वो दिन आया, जब भारत के बाहर चीन को छोड़कर कोई भी देश एक ही कंपनी में 100+ MTPA क्षमता नहीं जुटा पाया पर अल्ट्राटेक ने कर दिखाया। साल 2024 में इसने 150 MTPA की झमता पार कर ली। 2025 में यह 194 MTPA क्षमता वाली कंपनी बन चुकी है।
आज अल्ट्राटेक के 34 इंटीग्रेटेड प्लांट, 34 ग्राइंडिंग यूनिट्स और सैकड़ों आरएमसी प्लांट ऐसे खड़े हैं कि कई बार गांव वाले रास्ता नहीं पूछते बस चिमनियों की दिशा देख लेते हैं।
सिर्फ सीमेंट नहीं, एक सिस्टम
अल्ट्राटेक केवल ग्रे सीमेंट तक सीमित नहीं रहा। Birla White, रेडी-मिक्स कंक्रीट, स्पेशलिटी कंक्रीट तक मिलती हैं। जहां एक आम घर बनाने वाला भी वन-स्टॉप सॉल्यूशन के लिए आता है। यही सोच इसे Aditya Birla Group का फ्लैगशिप कंपनी बनाती है। इसके पास 8.9 अरब डॉलर की बिल्डिंग सॉल्यूशंस ताकत है। अल्ट्राटेक शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनी है जिसका मार्केट कैप 3,64,724 करोड़ रुपये है।
कुमार मंगलम बिड़ला ने सिर्फ पिता की विरासत नहीं संभाली, उसे कई गुना बढ़ाया। 60 से ज्यादा अधिग्रहण, 33 गुना टर्नओवर और फोर्ब्स के मुताबिक आज कुमार मंगलम बिड़ला की नेटवर्थ (Kumar Mangalam Birla Net Worth) 21.6 अरब डॉलर (करीब 1.96 लाख करोड़ रुपये) है। पर शायद उनकी असली पहचान किसी लिस्ट में नहीं है।
यह भी पढ़ें: कौन थे आदित्य विक्रम बिड़ला? अल्ट्राटेक के मालिक कुमार मंगलम बिड़ला से क्या है रिश्ता |