फिलहाल लाहौर में सरबजीत को रखा गया है।
जागरण संवाददाता, अमृतसर। लाहौर हाईकोर्ट ने पंजाब के कपूरथला से संबंधित सरबजीत कौर मामले में महत्वपूर्ण निर्देश जारी करते हुए पंजाब सरकार और संबंधित एजेंसियों को 20 जनवरी तक विस्तृत रिपोर्ट जमा कराने के आदेश दिए हैं। यह निर्देश शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान दिए गए। जानकारी एडवोकेट अली चंगेज़ी संघ ने मीडिया से साझा की।
अली चंगेज़ी संघ के अनुसार, उन्होंने अदालत के समक्ष सरबजीत कौर के साथ हुई कथित मारपीट, अनुचित व्यवहार, अवैध हिरासत और अन्य संवेदनशील मुद्दों पर विस्तृत जानकारी रखी। उनके अनुसार, अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार से विस्तृत, तथ्यात्मक तथा प्रमाणिक रिपोर्ट पेश करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
अदालत ने कहा कि मामले में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी और 20 जनवरी तक रिपोर्ट दाखिल करना अनिवार्य है। इसके बाद ही अगली सुनवाई का शेड्यूल तय होगा।
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निष्पक्ष जांच की हुई बात
सुनवाई के दौरान अदालत ने सरकारी वकील से कई महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे और यह स्पष्ट किया कि पारदर्शी व निष्पक्ष जांच अदालत की पहली प्राथमिकता है। अली चंगेजी संघ ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि आने वाला निर्णय पाकिस्तान और सिख समुदाय, दोनों के हित में होगा।
जानें क्या था मामला
सरबजीत कौर का मामला पिछले कुछ महीनों से भारत और पाकिस्तान में चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया जाता है कि सरबजीत कौर पाकिस्तान में धार्मिक यात्रा पर गई थीं, जहां उनके साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार हुआ। मामला बढ़ने के बाद यह मुद्दा अदालत तक पहुंचा और भारत के सिख समुदाय ने भी इस पर चिंता जताई। समुदाय के प्रतिनिधियों ने पाकिस्तान सरकार से निष्पक्ष न्यायिक कार्रवाई की मांग की है।
अली चंगेज़ी संघ ने कहा कि यह केवल एक महिला के न्याय की मांग नहीं, बल्कि दोनों देशों के समुदायों के बीच भरोसे और संबंधों को मजबूत करने का भी प्रश्न है। अदालत अब 20 जनवरी को रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई और अगली सुनवाई की तारीख तय करेगी।
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जानें सर्बजीत कौर की पाकिस्तान में टाइम लाइन
4 नवंबर 2025 – सर्बजीत कौर यात्री (यात्रा) वीजा पर पाकिस्तान में प्रवेश कर गईं।
13 नवंबर 2025 – उनका वीजा समाप्त हो गया; यत्री दल भारत लौट आया, लेकिन सर्बजीत कौर उनके साथ वापस नहीं आईं।
4 जनवरी 2026 – वीजा अवधि से अधिक समय तक रुकने (ओवरस्टे) के आरोप में पाकिस्तान में गिरफ्तार किया गया।
5 जनवरी 2026 – भारत भेजने (डिपोर्टेशन) की कोशिशें सीमा बंद होने और अदालत की रोक के चलते सफल नहीं हो सकीं।
6 जनवरी 2026– उन्हें दारुल अमान भेजा गया; वहीं से मानवीय आधार पर राहत के लिए आवेदन दायर किया गया।
9 जनवरी 2026– दारुल अमान में डॉक्टरों की विशेष मेडिकल टीम ने सर्बजीत कौर का स्वास्थ्य परीक्षण किया और उनकी सेहत को संतोषजनक बताया।
10 जनवरी 2026 – पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पाकिस्तानी अधिकारियों से दो हफ्तों में विस्तृत रिपोर्ट मांगी।
10 जनवरी 2026– पाकिस्तान के मंत्री तलाल चौधरी ने मामले की निगरानी की; मेडिकल क्लियरेंस के बावजूद गृह मंत्रालय ने डिपोर्टेशन पर अंतिम निर्णय नहीं लिया।
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