जागरण संवाददाता, आगरा। शहर में कोहरे के दस्तक देने के साथ ही हवा में घुला वायु प्रदूषण का जहर बढ़ने लगा है। आगरा स्मार्ट सिटी के सात सेंसर पर शनिवार रात 10 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआइ) खतरनाक स्थिति में दर्ज किया गया।
इनमें आरओबी चौराहा, आगरा फोर्ट रेलवे स्टेशन, कलाकृति, बाग फरजाना, नया पुल तिराहा, स्पीड कलर लैब और सदर भट्टी शामिल थे। सर्वाधिक एक्यूआइ आरओबी चौराहा पर 501 रहा।
यहां हवा में अति सूक्ष्म कण 462 और धूल कण 1009 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गए। हवा में सात गुणा से अधिक अति सूक्ष्म कण और 10 गुणा से अधिक धूल कण रहे। मानक के अनुसार 24 घंटे में क्रमश: 60 और 100 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से अधिक नहीं होने चाहिए।
स्मार्ट सिटी के 11 सेंसर बहुत खराब और पांच खराब स्थिति में रहे। एक्यूआइ खतरनाक स्थिति में पहुंचने पर उसके अधिक देर तक संपर्क में रहने से सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। गर्भवती महिलाओं, बच्चों व बुजुर्गा, बीमार व्यक्तियों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।
सांस के साथ अति सूक्ष्म कण व धूल कण शरीर में पहुंच जाते हैं। इससे सांस फूलना, सीने में जकड़न, खांसी व दम घुटने की स्थिति होती है। अस्थमा व सीओपीडी मरीजों के लिए यह स्थिति बहुत खतरनाक होती है।
एसएन मेडिकल कालेज के रेस्पिरेटरी विभाग के अध्यक्ष डा. संतोष कुमार ने बताया कि हवा खतरनाक स्थिति में पहुंच गई है। सुबह व शाम को टहलने से बचें। घर से बाहर निकलते समय मास्क जरूर लगाएं।
स्मार्ट सिटी के सेंसर पर स्थिति
खतरनाक
- आगरा फोर्ट रेलवे स्टेशन, 482
- कलाकृति, 406
- बाग फरजाना, 409
- नया पुल तिराहा, 408
- स्पीड कलर लैब, 407
- सदर भट्टी, 401
बहुत खराब
- संजय टाकीज, 398
- बीपी आयल मिल, 394
- ईदगाह चौराहा, 385
- श्मशान घाट, 371
- राजपुर चुंगी, 367
- एसबीआइ जोनल आफिस, 359
- छीपीटोला चौराहा, 342
- धूलियागंज, 340
- मीरा हुसैनी चौराहा, 324
- सिकंदरा तिराहा, 317
खराब
- हाथी घाट, 297
- नामनेर चौराहा, 249
- अर्जुन नगर तिराहा, 245
- पुरानी मंडी, 237
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