सांकेतिक तस्वीर
जागरण संवाददाता, पटना सिटी। खाजेकलां थाना क्षेत्र के टेढ़ी घाट में गड़ासी से दोस्त पंकज उर्फ राधे की हत्या करने के बाद उसके ही खून से सने कपड़ों को उतार कर उसके शरीर का खून पोंछा व जमीन पर खून के निशान मिटाने के लिए उसपर मिट्टी डाल दी। उसके बाद साक्ष्य को छुपाने के लिए शव को गंगा में फेंक दिया। यह अपराध स्वीकारोक्ति बयान हत्याकांड में गिरफ्तार विकास उर्फ भानू ने खाजेकलां थाना पुलिस को दी है।
पुलिस ने बताया कि टेढ़ी घाट निवासी विजय राय ने बेटे पंकज उर्फ राधे के दोस्तों के साथ लापता होने की प्राथमिकी 13 जनवरी को कराई। दोस्तों से पूछताछ के बाद अगले ही दिन पुलिस टेढी घाट से अभियुक्तों की निशानदेही पर लापता पंकज उर्फ राधे का शव बरामद किया था।
गड़ासा लेकर आया और गला काटा
पुलिस ने हत्या में मुख्य आरोपित भानू के साथ सहयोगी सागर और गोलू को जेल भेजा। जेल भेजे गये भानू ने पुलिस को बताया कि 12 जनवरी की रात पंकज को खाने-पीने के बहाने टेढ़ी घाट पर तालाब के पास बुलाकर कदम के पेड़ के नीचे बैठकर खाए-पिए।
उसके बाद भानू गैराज में पहले से छिपा कर रखा गड़ासा लेकर आया और सीधे पंकज का गला काट दिया। खून फैलने पर उसने पंकज के शरीर के कपड़े उतार उसी से जमीन पर गिरे खून को पोछा और बाद में मिट्टी डाल दिया।
फुफेरी भाभी के साथ मेलजोल पसंद नहीं
उसके बाद पंकज के शव, उसके मोबाइल और उसके तन पर रहे कपड़े और हत्या में प्रयुक्त गड़ासी को गंगा में फेंक दिया। अपने कपड़े को गंगा में साफ कर लिया। अभियुक्त ने पुलिस को बताया कि भानू को पंकज के साथ फुफेरी भाभी के साथ मेलजोल पसंद नहीं था। इस बात से आक्रोशित होकर उसने दोस्त पंकज के हत्या की साजिश रच मार डाला। |
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