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Gupt Navratri 2026: गुप्त नवरात्र का धार्मिक महत्व
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, सोमवार 19 जनवरी से गुप्त नवरात्र की शुरुआत हो रही है। यह पर्व माघ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से लेकर नवमी तिथि तक मनाया जाता है। इन नौ दिनों में मां मातंगी, काली, बगलामुखी, तारा, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, भैरवी, धूमावती, और मां कमला की पूजा की जाती है। साथ ही उनके निमित्त नौ दिनों तक व्रत रखा जाता है।
ज्योतिषियों की मानें तो गुप्त नवरात्र के पहले दिन कई मंगलकारी संयोग बन रहे हैं। इन योग में दस महाविद्याओं की देवी की भक्ति भाव से पूजा करने पर जातक को सभी प्रकार के गुप्त कार्यों में सफलता मिलती है। साथ ही जीवन में व्याप्त परेशानियों से मुक्ति मिलती है। आइए, शारदीय नवरात्र (Gupt Navratri 2026) की सही तिथि, शुभ मुहूर्त और योग जानते हैं-
गुप्त नवरात्र शुभ संयोग
- 19 जनवरी प्रतिपदा तिथि पर सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग
- 20 जनवरी को द्वितीया तिथि पर द्विपुष्कर योग का महासंयोग
- 21 जनवरी को तृतीया तिथि पर रवि योग का दुर्लभ संयोग
- 22 जनवरी को चतुर्थी तिथि पर रवि योग का निर्माण
- 23 जनवरी को पंचमी तिथि पर परिघ और शिव का महासंयोग
- 24 जनवरी को षष्ठी पर शिव और सिद्ध का संयोग
- 25 जनवरी को सप्तमी तिथि पर सिद्ध और साध्य का संयोग
- 26 जनवरी को अष्टमी तिथि पर साध्य और शुभ का संयोग
- 27 जनवरी को नवमी तिथि पर शुभ और ब्रह्म का संयोग
शुभ मुहूर्त (Gupt Navratri 2026 Shubh Muhurat)
वैदिन पंचांग के अनुसार, सोमवार 19 जनवरी को देर रात 01 बजकर 21 मिनट पर माघ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि शुरू होगी और अगले दिन यानी 19 जनवरी को देर रात 02 बजकर 14 मिनट पर समाप्त होगी। सनातन धर्म में उदया तिथि मान्य है। इसके लिए 19 जनवरी से गुप्त नवरात्र की शुरुआत होगी।
घटस्थापना समय (Gupt Navratri 2026 Ghatasthapana Timing)
19 जनवरी को घटस्थापना का शुभ समय सुबह 07 बजकर 14 मिनट से लेकर सुबह 10 बजकर 46 मिनट तक है। इसके साथ ही अभिजीत मुहूर्त में दोपहर 12 बजकर 11 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 53 मिनट के मध्य घटस्थापना का संयोग है। साधक अपनी सुविधा अनुसार समय पर घटस्थापना कर दस महाविद्याओं की देवी की पूजा कर सकते हैं।
शुभ योग (Gupt Navratri 2026 Shubh Yog)
माघ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि यानी गुप्त नवरात्र के पहले दिन सर्वार्थ सिद्धि योग समेत कई मंगलकारी संयोग बन रहे हैं। सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग दिन में 11 बजकर 52 मिनट से शुरू होगा। वहीं, सिद्धि योग का संयोग रात 08 बजकर 46 मिनट से है। वहीं, घटस्थापना पर उत्तराषाढ़ा और श्रवण नक्षत्र का संयोग है।
पंचांग
- सूर्योदय - सुबह 07 बजकर 14 मिनट पर
- सूर्यास्त - शाम 05 बजकर 49 मिनट पर
- चन्द्रोदय- सुबह 07 बजकर 40 मिनट पर
- चंद्रास्त- शाम 06 बजकर 20 मिनट पर
- ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 05 बजकर 27 मिनट से 06 बजकर 21 मिनट तक
- विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 18 मिनट से 03 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त - शाम 05 बजकर 47 मिनट से 06 बजकर 14 मिनट तक
- निशिता मुहूर्त - रात्रि 12 बजकर 05 मिनट से 12 बजकर 59 मिनट तक
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है। |
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