बिना शयन रामलला ने ढाई लाख से अधिक दर्शनार्थियों को दिया दर्शन।
जागरण संवाददाता, अयोध्या। मौनी अमावस्या पर राम मंदिर में विराजमान रामलला ने बिना शयन किए लगातार भक्तों को दर्शन दिए। प्रयागराज के माघ मेले से लौटे श्रद्धालुओं का पलट प्रवाह इस कदर रहा कि भोर में ही बड़ी संख्या में भक्तों ने रामजन्मभूमि पथ के दर्शन मार्ग पर लंबी कतारें लगा ली थीं।
घने कोहरे के बावजूद भक्तों में दर्शन की प्रबल उत्कंठा दिखी। भीड़ के अत्यधिक दबाव के कारण सुरक्षा अधिकारियों ने श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से समन्वय कर सुबह छह बजे श्रृंगार आरती के समय ही दर्शन प्रारंभ करा दिया था।
इसके बाद लगातार दर्शन चलता रहा। दोपहर साढ़े 12 बजे से एक बजे तक होने वाली मध्याह्न बंदी भी केवल भगवान के भोग के लिए ही हुई। दस मिनट में रामलला को अर्चकों ने राजभोग समर्पित किया, इसके बाद तुरंत फिर दर्शन चालू करा दिया गया और रात्रि में सवा नौ बजे तक दर्शन निर्बाध रूप से चलता रहा।
एसपी सुरक्षा बलरामाचारी दुबे ने बताया कि रविवार भोर से ही दर्शन मार्ग पर अधिक संख्या में दर्शनार्थियों के एकत्रित हो जाने के कारण सुबह छह बजे की श्रृंगार आरती के साथ ही दर्शन प्रारंभ करा दिया गया था। दोपहर में केवल दस मिनट के लिए पट बंद रहे। देर शाम तक लगभग ढाई लाख श्रद्धालुओं ने रामलला का दर्शन कर लिया था।
मौनी अमावस्या पर विदेशी श्रद्धालुओं ने भी अर्जित किया पुण्य
मौनी अमावस्या केे अवसर पर देश के विभिन्न प्रांतों से तो बड़ी संख्या में श्रद्धालु रामनगरी पहुंचे ही, विदेशी भक्तों ने भी अयोध्या पहुंच राम मंदिर, हनुमानगढ़ी सहित अन्य प्रमुख मंदिरों में भी दर्शन-पूजन किया।
दोपहर में थाईलैंड की राजधानी बैंकाक से लगभग 40 भक्तों ने राम मंदिर पहुंच रामलला व राम परिवार का दर्शन किया। सभी श्रद्धालु ट्रैवल्स ओशियन नामक एक एजेंसी के गाइड राकेश कुमार के माध्यम से आए थे।
राम मंदिर में दर्शन करके निकले श्रद्धालुओं ने रामजन्मभूमि पथ पर न केवल सामूहिक फोटो खिंचाई, बल्कि ई-कार्ट से भ्रमण कर अन्य मंदिरों में भी दर्शन किया।
बैंकाक से आए श्रद्धालुओं ने अपने गाइड के माध्यम से बताया कि राम मंदिर बहुत ही भव्य बना है। इतना सुंदर शायद ही कोई मंदिर हो। यहां आकर बहुत अच्छा लगा। वे फिर अयोध्या आएंगे। |
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