जागरण संवाददाता, लखनऊ। साइबर ठगों ने निवेश और क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर दो अलग-अलग मामलों में लोगों से करीब 1.15 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। दोनों मामलों में पीड़ितों की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
जानकीपुरम निवासी उदय पाण्डेय, उनकी पत्नी प्रिया पाण्डेय और भाई संजय पाण्डेय को साइबर ठगों ने वाटेसएप ग्रुप के जरिए निवेश का झांसा दिया। आरोपितों ने मोटे मुनाफे का लालच देकर मानसिक दबाव बनाया और अलग-अलग बैंक खातों से कुल 65 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए।
उदय पाण्डेय के अनुसार शुरुआत में रकम निकालने का भरोसा दिया गया, लेकिन जब उन्होंने पैसा वापस मांगा तो और निवेश करने की शर्त रख दी गई। पीड़ित के मुताबिक उनके एसबीआई खाते से 70 हजार रुपये, आइसीआइसीआइ बैंक से 8.65 लाख और बैंक आफ बड़ौदा से 36.22 लाख रुपये निकाले गए। वहीं पत्नी के खाते से 1.54 लाख और भाई के आइसीआइसीआइ खाते से 18.21 लाख रुपये ट्रांसफर कराए गए।
दूसरे मामले में गोमतीनगर विवेकखंड निवासी 70 वर्षीय सेवानिवृत्त अधिकारी आलोक मिश्र से क्रिप्टो करेंसी ट्रेडिंग के नाम पर 50 लाख रुपये ठग लिए गए। पीड़ित ने बताया कि फेसबुक के जरिए उनकी पहचान निकिता त्रिपाठी नामक महिला से हुई, जिसने फर्जी क्रिप्टो ट्रेडिंग वेबसाइट के माध्यम से निवेश कराया।
शुरुआती दिनों में मुनाफा दिखाया गया, लेकिन बाद में सर्विस चार्ज, टैक्स और अन्य शुल्क के नाम पर लगातार रकम जमा कराई गई। हर भुगतान के बावजूद रकम वापस नहीं मिली। इंस्पेक्टर साइबर क्राइम थाना बृजेश कुमार यादव के अनुसार दोनों मामलों में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है और बैंक खातों व डिजिटल ट्रेल के आधार पर आरोपितों की तलाश की जा रही है। |
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