अल्ट्रासाउंड में जांच के दौरान अधिकारी।
संवाद सहयोगी, जागरण, संभल। हेलो, मुझे अल्ट्रासाउंड कराना है, कहां करवाऊं। उधर से जवाब आया- यूनिक अल्ट्रासाउंड सेंटर है, वहीं करा लो। एमबीबीएस डाक्टर बैठते हैं और अच्छे से करते हैं। वहां जाकर मेरी बात करा दो.. यह बातचीत सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा छापेमारी के दौरान अल्ट्रासाउंड सेंटर से बरामद डायरी में दर्ज नंबर पर आशा से की गई।
बिना रेडियोलाजिस्ट चल रहे अल्ट्रासाउंड सेंटर पर सिटी मजिस्ट्रेट ने की छापेमारी
दरअसल, कुछ समय से को कोतवाली क्षेत्र के सूरज कुंड मंदिर के सामने स्थित यूनिक अल्ट्रासाउंड सेंटर को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार सोनी निरीक्षण के लिए सेंटर पहुंचे। जैसे ही वे अंदर दाखिल हुए, हकीकत सामने आ गई। सेंटर पर कोई भी रेडियोलॉजिस्ट मौजूद नहीं था। इसके बावजूद एक युवक मशीन चलाकर अल्ट्रासाउंड कर रहा था, जबकि बाहर पांच मरीज अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे।
जांच करते सिटी मजिस्ट्रेट।
जांच के दौरान मिली डायरी
जांच के दौरान एक डायरी भी बरामद हुई, जिसमें कई आशाओं के नाम मिले। उनके साथ मोबाइल नंबर भी लिखे हुए थे। यहीं से शक गहराया कि मरीजों को इस सेंटर तक पहुंचाने में आशाओं की भूमिका संदिग्ध है। सिटी मजिस्ट्रेट ने मौके पर ही डायरी में मिले लता नाम की आशा नंबर पर कॉल किया। फोन उठाने वाली आशा लता से सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा मरीज बनकर की गई पूछताछ में यूनिक अल्ट्रासाउंड सेंटर का नाम सुझाया गया। इससे आशंका हुई कि आशाओं को यहां से कमीशन मिल रहा है।
12 अल्ट्रासाउंड किए जा चुके थे
जांच में पता चला कि रेडियोलॉजिस्ट की अनुपस्थिति में अब तक 12 अल्ट्रासाउंड किए जा चुके थे। मौके पर बैठे सभी पांच मरीजों को अल्ट्रासाउंड नहीं कराया गया और उनसे लिए गए रुपये वापस कराए गए। साथ ही सेंटर पर मौजूद दो युवकों को हिरासत में ले लिया गया। सिटी मजिस्ट्रेट ने तुरंत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को बुलाया और नियमों के उल्लंघन को देखते हुए यूनिक अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील करा दिया। |