नई दिल्ली।देश की जानी-मानी यूपीआई ऐप फोनपे अब जल्द शेयर बाजार में एंट्री लेने वाली है। शेयर बाजार को नियत्रित करने वाली संस्था सेबी ने कंपनी को आईपीओ (Intial Public Offer) लाने की मंजूरी दें दी है।
कंपनी इसे लेकर जल्द यूडीएचआरपी(UDHRP) दस्तावेज दर्ज करेगी। ये जानकारी पीटीआई को सूत्रों के अनुसार मिली है। पीटीआई को सूत्रों के अनुसार यह भी जानकारी मिली है कि ये आईपीओ ओएफएस (ऑफर फोर सेल) के तहत शेयर्स जारी करेगा। कंपनी आईपीओ के जरिए कोई भी फ्रेश इश्यू जारी नहीं करेगी। इसका मतलब है कि आईपीओ के तहत आने वाला पैसा सीधा शेयरहोल्डर्स के खाते पर जाएगा।
UPI जगत में है Phone Pe का बड़ा नाम
आपको बता दें कि फोन पे का यूपीआई जगत में बड़ा नाम है। इसका यूपीआई मार्केट में 45 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी है। एनपीसीआई के आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 में कंपनी ने 9.8 अरब लेनदेन प्रसंस्करण किए। कंपनी ने वित्त वर्ष 2024-25 में 7,115 करोड़ रुपये का राजस्व कमाया था। फोनपे के सूचीबद्ध होने से भारत के डिजिटल भुगतान क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल कायम होगी अैर अन्य वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनियों के लिए भी सार्वजनिक बाजार में आने का रास्ता साफ होगा।
क्या है आईपीओ न मिलने का कारण?
अगर ओवरसब्सक्रिप्शन की स्थिति हो। ये तब होता है जब कंपनी के द्वारा निकाले गए आवेदन से ज्यादा उन्हें अलॉटमेंट के लिए रिक्वेस्ट मिले।
- अगर एक आदमी ने एक से ज्यादा अलॉटमेंट के लिए अप्लाई किया हो।
- अगर डिमैट अकाउंट में दी गई पैन, बैंक डिटेल गलत या अधूरी हो।
- अगर पैन और बैंक अकाउंट में दी गई डिटेल अलग-अलग हो।
क्या ध्यान रखें?
अगर कोई आईपीओ निवेशकों के बीच काफी पॉपुलर हो गया है, तो ऐसी स्थिति में एक लॉट के लिए ही अप्लाई करना ठीक रहेगा।
- अपने चांस बढ़ाने के लिए अलग-अलग पैन नंबर से अप्लाई करें। जैसे फैमिली और दोस्तों के पैन नंबर से अप्लाई करें।
- हाई प्राइस बैंड पर बोली लगाए।
- आईपीओ खुलने के पहले दिन ही अप्लाई कर दें।
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