रात में ठंड कम होने से नमी घटी (फाइल फोटो)
जागरण संवाददाता, हिसार। प्रदेश में सर्दी का दौर अब भी जारी है और मौसम मिजाज बदल रहा है। हालांकि, मौसम विज्ञान विभाग ने जिन जिलों में वर्षा की संभावना जताई थी, वहां भी वर्षा नहीं हुई। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के पूरी तरह सक्रिय न होने और उसकी दिशा में आंशिक बदलाव के कारण हुआ।
वातावरण की ऊपरी परतों में नमी पर्याप्त नहीं बन पाई, जिससे बादल तो बने, लेकिन बरसने लायक संघनन नहीं हो सका। मंगलवार को प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान सोनीपत का 3 डिग्री दर्ज किया। भारत मौसम विज्ञान विभाग की तरफ से जारी चेतावनी में 25 जनवरी तक लगातार पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने की संभावना है। मौसम में बदलाव के साथ ही दिन के समय धूप खिली।
मंगलवार को रात का तापमान अधिकतर जिलों का 5 से 8 डिग्री के बीच रहा तो अधिकतम तापमान 22 डिग्री के आस पास दर्ज किया गया। इसी उतार-चढ़ाव ने सुबह और देर रात कोहरे की स्थिति को बनाए रखा। निचली सतह पर नमी 80 से 90 प्रतिशत तक रहने और हवा की गति धीमी होने से कोहरा अधिक प्रभावी दिखाई दिया।
आगे क्या होगा?
एचएयू के अनुसार 22 जनवरी के बाद पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव बढ़ सकता है। इसके चलते राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना बनेगी। वर्षा होने पर नमी का संतुलन बदलेगा और कोहरे की तीव्रता में कमी आ सकती है।
मौसम अलर्ट
विभाग ने अलसुबह और देर रात को घने कोहरे की संभावना जताई है। सड़क और रेल यातायात पर असर पड़ सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि फसलों की सिंचाई और छिड़काव मौसम की स्थिति देखकर ही करें, जबकि आमजन को सुबह-शाम सतर्क रहने की जरूरत है। |
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