आईआईटी कानपुर में आत्महत्याओं की जांच करेगी केंद्र सरकार की समिति
जागरण संवाददाता, कानपुर। आईआईटी कानपुर में पिछले दो साल से लगातार छात्रों के आत्महत्या करने पर केंद्र सरकार ने गंभीर रुख दिखाया है। शोध छात्र रामस्वरूप की मृत्यु के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने संस्थान में मानसिक स्वास्थ्य सुरक्षा और परामर्श व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए राष्ट्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी फोरम (एनईटीएफ) के अध्यक्ष प्रो. अनिल डी सहस्रबुद्धे की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति बनाई है।
समिति 15 दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। शिक्षा मंत्रालय से जारी आदेश के अनुसार इस समिति में मूलचंद अस्पताल नई दिल्ली के वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. जितेंद्र नागपाल और शिक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव उच्च शिक्षा को सदस्य बनाया गया है।
यह समिति जांच में देखेगी कि क्या आईआईटी कानपुर की ओर से उन दिशा निर्देशों का अनुपालन किया जा रहा है जो जुलाई 2023 में उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के संबंध में केंद्र सरकार की ओर से जारी किए गए हैं।
समिति देखेगी कि संस्थान में मौजूद काउंसिलिंग (परामर्श) सेवाएं, शिकायत निवारण तंत्र और छात्र सहायता प्रणालियां कितनी सक्रिय और प्रभावी हैं।
हाल के वर्षों में हुई छात्र मौतों की परिस्थितियों का गहन विश्लेषण कर सिस्टम की कमियों को पहचानने में भी यह समिति अपनी भूमिका का निर्वाह करेगी। समिति के सदस्य आईआईटी प्रशासन, छात्रों, शिक्षकों और पीड़ित परिवारों से सीधा संवाद करेंगे। |
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