प्रतीकात्मक तस्वीर
जागरण संवाददाता, लखनऊ। बरावन कला के एमसी सक्सेना कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी परिसर में बने 108 एंबुलेंस सेवा के इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) ट्रेनिंग सेंटर में 25 प्रशिक्षुओं को बुधवार रात भोजन के बाद अचानक पेट दर्द और उल्टी की शिकायत हुई।
तबीयत गंभीर होने पर सभी छात्रों को बलरामपुर, ठाकुरगंज समेत आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा। अब सभी की हालत में सुधार है। इस संबंध में 108 एंबुलेंस सेवा के अधिकारियों की ओर से कोई सूचना साझा नहीं की गई।
सूत्रों के अनुसार, ईएमटी ट्रेनिंग सेंटर में छात्रों को रात में दाल, चावल, आलू की सब्जी और रोटी दी गई थी। सेंटर में प्रतिदिन करीब 150 लोगों के लिए भोजन बनता है। सभी प्रशिक्षु रात में भोजन के बाद अपने-अपने कमरे में चले गए। करीब एक-डेढ़ घंटे बाद अचानक पेट में दर्द, उल्टी और सिरदर्द की शिकायत हुई।
देखते ही देखते ऐसे छात्रों की संख्या बढ़ने लगी। स्थिति बिगड़ने पर ईएमटी ट्रेनिंग सेंटर के जिम्मेदार परेशान हो गए। तत्काल सभी को बलरामपुर और ठाकुरगंज अस्पताल में भर्ती कराया गया। भर्ती करने का सिलसिला गुरुवार सुबह चार बजे तक चला।
बलरामपुर अस्पताल के सीएमएस डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी के अनुसार, इमरजेंसी में 20 प्रशिक्षुओं को भर्ती किया गया है। सभी खतरे से बाहर हैं। डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है। उधर, ठाकुरगंज टीबी अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि तीन छात्रों को भर्ती किया है, फिलहाल सभी की हालत सामान्य है।
सीएमओ डा. एनबी सिंह ने बताया कि यह गंभीर मामला है। सामुदायिक केंद्र काकोरी को टीम के साथ ट्रेनिंग सेंटर जांच के लिए भेजा गया था। फूड सैंपलिंग के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग को भी सूचित कर दिया गया है। रिपोर्ट में लापरवाही की पुष्टि हुई तो कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। |
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