जागरण संवाददाता, कुशीनगर। युद्धकालीन चुनौतियों से निपटने को लेकर पडरौना के व्यस्ततम सुभाष चौक को मुख्य केंद्र बनाते हुए शाम छह से 6.45 बजे तक ‘ब्लैक आउट’ और ‘एयर रे’ (हवाई हमला) माक ड्रिल का आयोजन किया गया। शाम के ठीक छह बजते ही जैसे ही हवाई हमले का सायरन गूंजा, पूरा इलाका अलर्ट मोड में आ गया।
प्रशासन के निर्देश पर बिजली काट दी गई और देखते ही देखते चारों ओर ‘ब्लैक आउट’ छा गया। ड्रिल का उद्देश्य, युद्ध जैसी परिस्थितियों में नागरिकों की सुरक्षा, विभिन्न विभागों के बीच तालमेल और आपदा प्रबंधन की त्वरित प्रतिक्रिया का परीक्षण करना था।
माक ड्रिल के दौरान परिदृश्य को बिल्कुल वास्तविक बनाने की कोशिश की गई। हवाई हमले की चेतावनी के बाद नागरिकों को सुरक्षित शेल्टरों में पहुंचने का अभ्यास कराया गया। इसके तुरंत बाद कई मोर्चों पर एक साथ कार्रवाई शुरू हुई। अग्निशमन दल, आगजनी की स्थितियों पर काबू पाने का प्रदर्शन किया।
मौके पर पहुंचा बम निरोधक दस्ता
बम निरोधक दस्ता, संदिग्ध वस्तुओं की पहचान और उन्हें निष्क्रिय करने की बारीकियों को दिखाया। नागरिक सुरक्षा और रेस्क्यू टीम ने, ध्वस्त भवनों के मलबे से घायलों को निकालने और प्राथमिक उपचार देने का सफल अभ्यास किया।
मेडिकल रिस्पांस के तहत एंबुलेंस के माध्यम से घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने का ‘ग्रीन कारिडोर’ अभ्यास किया गया। माक ड्रिल का नेतृत्व एडीएम वैभव मिश्रा व एएसपी सिद्धार्थ वर्मा ने किया। एसडीएम पडरौना ऋषभ पुंडीर सहित स्वास्थ्य, बिजली, परिवहन विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे। जिला आपदा प्रबंधन और नेहरू युवा केंद्र के स्वयंसेवकों ने भी इसमें सक्रिय भूमिका निभाई।
आल क्लियर के साथ हुआ समापन
लगभग 45 मिनट तक चले इस सघन अभ्यास के बाद आल क्लियर का सायरन बजाया गया, जिसके बाद जनजीवन सामान्य हुआ। एडीएम वैभव मिश्रा ने बताया कि इस अभ्यास से न केवल सिस्टम की कमियों को पहचानने में मदद मिलती है, बल्कि आम नागरिकों में आत्मविश्वास भी बढ़ता है। जनता से अपील की, वे ऐसी ड्रिल से घबराएं नहीं, बल्कि इस कार्य में पूरा सहयोग करें। |
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