आनलाइन बिजनेस के नाम पर साढ़े नौ लाख रुपये की साइबर ठगी की गई।
जागरण संवाददाता,रांची। शहर में संगठित साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें आनलाइन बिजनेस के नाम पर ब्रजेश सिंह से साढ़े नौ लाख रुपये की ठगी की गई है।
पीड़ित ब्रजेश कुमार सिंह ने साइबर अपराध थाना, रांची में प्राथमिकी दर्ज कराई है। मामला संगठित आनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, साइबर ठगी, आपराधिक साजिश, जबरन वसूली और मनी लान्ड्रिंग से जुड़ा बताया गया है।
पीड़ित के अनुसार, फेसबुक पर निशा शर्मा नामक प्रोफाइल से संपर्क किया गया था, जिसके प्रोफाइल पर ई-कामर्स से जुड़ा होने का दावा किया गया था। शुरुआती बातचीत फेसबुक मैसेंजर पर हुई, इसके बाद व्हाट्सएप के जरिए संपर्क बढ़ाया।
15 हजार डालर का बैलेंस दिखाकर लगाया चूना
आरोपी महिला ने आनलाइन बिजनेस प्लान का झांसा देकर एक वेबसाइट के माध्यम से व्यापार करने के लिए प्रेरित किया। बताया गया कि इंडस्ट्री स्टाक नामक वेबसाइट और डैशबोर्ड के जरिए एक फर्जी स्टोर और वालेट दिखाया गया, जिसमें 15 हजार डालर का बैलेंस दर्शाया गया।
इस झूठे बैलेंस के जरिए महिला ने विश्वास दिलाया कि उसकी राशि और मुनाफा फंसा हुआ है। उसे निकालने के लिए अलग-अलग मदों में और पैसे जमा करने होंगे।
स्टोर एक्टिवेशन, बिजनेस एक्सटेंशन, क्रेडिट, रेपुटेशन डिपाजिट, फंड रिलीज, सिस्टम अपग्रेड और विदड्रा अनलाक जैसे नामों पर लगातार भुगतान कराया गया।
अपना और रिश्तेदारों से उधार लेकर किया आनलाइन भुगतान
पीड़ित ने बताया कि 2 नवंबर 2025 से 30 दिसंबर 2025 के बीच उसके साथ यह साइबर ठगी की गई। पीड़ित ने अपना और रिश्तेदारों से लेकर साढ़े नौ लाख रुपये विभिन्न माध्यमों से आनलाइन भुगतान किए।
ठगी की रकम कई खातों और अज्ञात लाभार्थियों तक पहुंचाई गई। जब पीड़ित ने आगे भुगतान करने से इन्कार किया, तो उस पर दबाव बनाया गया और विदेशी नंबरों से संपर्क किया गया। साथ ही ईमेल के जरिए भी बातचीत होती रही।
बाद में आरोपितों ने अपना डोमेन ईमेल बंद कर दिया, वेबसाइट को मेंटेनेंस में दिखाया और सबूत मिटाने की कोशिश की। जांच की जिम्मेदारी इंस्पेक्टर दीपक कुमार साव को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि डिजिटल लेनदेन की जांच की जा रही है। |