बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती
राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती उत्तर प्रदेश में धार्मिक कार्य और पर्व में विवाद को लेकर काफी चिंतित हैं। बसपा मुखिया ने इस मामले में शनिवार को सोशल मीडिया पर अपनी चिंता व्यक्त की।
प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के स्नान को लेकर चल रहे विवाद पर बसपा सुप्रीमो मायावती का मानना है कि धर्म, पर्व त्योहार, पूजापाठ, स्नान आदि में राजनीतिक लोगों का हस्तक्षेप व प्रभाव पिछले कुछ वर्षों से बढ़ गया है। इससे हर हाल में जरूर बचना चाहिए।
राजनीतिक हस्तक्षेप से नये-नये विवाद व तनाव संघर्ष का कारण बन रहे हैं। यह सही नहीं है इन सबको लेकर लोगों में दुख व चिंता की लहर है। उन्होंने प्रयागराज में चल रहे विवाद को आपसी सहमति से जितना जल्द हो सके सुलझाने की सलाह दी है।
उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने शनिवार की सुबह इंटरनेट मीडिया ‘एक्स’ पर किए गए पोस्ट में लिखा कि वास्तव में संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थ के लिए धर्म को राजनीति तथा राजनीति को धर्म से जोड़ने से कई खतरे बने रहते हैं।
प्रयागराज में स्नान आदि को लेकर चल रहा विवाद, एक दूसरे का अनादर तथा आरोप प्रत्यारोप इसका ताजा उदाहरण है। उन्होंने लिखा है कि राजनेता अपने संवैधानिक दायित्वों को बिना किसी द्वेष के सर्वसमाज के सामाजिक, राजनीतिक व आर्थिक हित में ईमानदारी के साथ निभाएं। वर्तमान हालात में भी लोगों की यही अपेक्षा है।
उत्तर प्रदेश में ही नहीं बल्कि देश के अन्य राज्यों में भी किसी भी धर्म के पर्व, त्योहार, पूजापाठ, स्नान आदि में राजनीतिक लोगों का हस्तक्षेप एवं प्रभाव पिछले कुछ वर्षों से काफी बढ़ गया है, जो नये-नये विवाद, तनाव व संघर्ष आदि का कारण बन रहा है, यह सही नहीं है तथा इन सबको लेकर लोगों…— Mayawati (@Mayawati) January 24, 2026 |