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बीसीसीएल मुख्यालय का संयुक्त मोर्चा ने किया घेराव, आउटसोर्सिंग कंपनी देवप्रभा को ब्लैकलिस्ट करने का बढ़ा दबाव

LHC0088 Yesterday 21:27 views 266
  

बीसीसीएल मुख्यालय गेट पर बैठीं धनबाद की पूर्व मेयर इंदु सिंह और साथ में अन्य।  



जागरण संवाददाता, धनबाद। बीसीसीएल की नॉर्थ तिसरा–साउथ तिसरा (NTST) कोयला परियोजना के अधिकारियों-कर्मचारियों की आउटसोर्सिंग कंपनी देवप्रभा के कर्मियों द्वारा मारपीट करने तथा संयुक्त मोर्चा के नेताओं पर प्राथमिकी दर्ज कराने के आरोपों को लेकर विवाद गहरा गया है। विरोध स्वरूप शनिवार को संयुक्त मोर्चा के नेताओं ने बीसीसीएल मुख्यालय, कोयला भवन का घेराव किया।

प्रदर्शनकारियों ने बीसीसीएल प्रबंधन से देवप्रभा कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने तथा उसके मालिक एलबी सिंह, उनके भाई कुंभनाथ सिंह और संबंधित कर्मचारियों पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। लगभग चार घंटे तक चले घेराव के कारण मुख्य गेट जाम रहा, जिससे कोयला भवन के भीतर मौजूद अधिकारी बाहर नहीं निकल सके।

गेट जाम के कारण बीसीसीएल के सीएमडी, डीटी और डीपी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी कार्यालय में ही फंसे रहे। डीपी कुछ देर के लिए बाहर निकले, लेकिन वाहन को बाहर ही छोड़कर वापस कार्यालय जाना पड़ा।

संयुक्त मोर्चा के बैनर तले राष्ट्रीय जनता कामगार संघ की अध्यक्ष व पूर्व मेयर इंदू देवी, महासचिव आसनी सिंह, राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर यूनियन के महासचिव एके झा समेत कई नेता मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए।

स्थिति बिगड़ती देख सुरक्षा के मद्देनजर सीआईएसएफ जवानों ने अंदर से दोनों गेट पर ताला लगा दिया। शनिवार को कार्यालय समय दोपहर दो बजे तक होने के कारण कर्मचारियों को सीएमपीडीआई के रास्ते गेट खोलकर बाहर निकाला गया।

करीब साढ़े तीन घंटे बाद तकनीकी निदेशक (संचालन) संजय कुमार सिंह के आश्वासन पर आंदोलन समाप्त हुआ। उन्होंने कार्यस्थल पर सुरक्षा उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।

इस संबंध में बीसीसीएल की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रबंधन के कार्यों की जानकारी उपलब्ध होने की बात भी कही गई। डीटी ने बताया कि नियमों के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संबंधित लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।

इससे पहले आयोजित आमसभा में आरसीएमयू के महासचिव एके झा ने आरोप लगाया कि आउटसोर्सिंग कंपनी के गुर्गों और ठेकेदारों की दबंगई से श्रमिक ही नहीं, आम लोग भी परेशान हैं।

उन्होंने कहा कि कई अन्य कंपनियां भी काम कर रही हैं, लेकिन देवप्रभा कंपनी के लोगों से अधिकारी और कर्मचारी भयभीत रहते हैं।

राष्ट्रीय जनता कामगार संघ के महासचिव आसनी सिंह ने प्रबंधन पर कथनी और करनी में अंतर का आरोप लगाया। उन्होंने मांग की कि कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया जाए और मारपीट की घटना में शामिल लोगों पर नामजद प्राथमिकी दर्ज हो। उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों ने ऐसे तत्वों का साथ दिया है, उन पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।

मौके पर बीसीकेयू और एटक के प्रतिनिधियों ने भी प्रबंधन और आउटसोर्सिंग कंपनी के खिलाफ विरोध जताया। धरना स्थल पर अरविंद सिंह, अरुण प्रकाश पांडेय, बिमलेश सिंह, कृष्णा, दारोगा महतो सहित बड़ी संख्या में श्रमिक नेता और मजदूर मौजूद रहे।
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